निवेशकों को रेकॉर्ड मुनाफा देने के बाद इस शेयर में लगातार गिरावट आती गई। हालांकि बीच-बीच में इसमें मामूली तेजी भी देखी गई। सोमवार को भी इसमें मामूली तेजी देखी गई। इस तेजी के साथ यह शेयर 1,14,449.95 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक साल में यह शेयर 25 फीसदी से ज्यादा गिर गया है। वहीं ऑल टाइम हाई के मुकाबले इसकी कीमत आधी से भी कम रह गई है। बजट की निराशा से उबरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 943 अंक उछला, रिलायंस और ऑटो शेयरों में तेजी
एक साल में बड़ा नुकसान
निवेशकों को रातों-रात करोड़पति बनाने के बाद इस शेयर में गिरावट बनी हुई है। एक साल पहले इसकी कीमत करीब 1,56,028 रुपये थी। सोमवार को यह 1,14,449.95 रुपये पर बंद हुआ। ऐसे में इसमें एक साल में करीब 27 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं एक महीने में यह शेयर 9 फीसदी और 6 महीने में 17 फीसदी लुढ़क गया है।
आधी भी नहीं बची कीमत
ऑल टाइम हाई के मुकाबले शेयर की कीमत आधी भी नहीं बची है। इस शेयर का ऑल टाइम हाई 3,32,399.95 रुपये था। सोमवार को यह शेयर 1,14,449.95 रुपये पर थाा। ऐसे में यह अपने ऑल टाइम हाई के मुकाबले 65 फीसदी लुढ़क गया है। यानी यह शेयर निवेशकों को रातों-रात करोड़पति बनाने के बाद उनका आधे से ज्यादा नुकसान कर चुका है।
कभी 3 रुपये ये कम था भाव
यह शेयर मई 2022 में 3 रुपये से कम का था। लेकिन इसकी बुक वैल्यू 5,85,225 रुपये थी। जिन निवेशकों के पास यह शेयर था, इस बड़े अंतर के कारण वे इसे बेचना नहीं चाहते थे। इसके चलते साल 2011 से इसमें कोई ट्रेडिंग नहीं हुई थी।
होल्डिंग कंपनियों के मौजूदा बाजार मूल्य और बुक वैल्यू के बीच के अंतर को कम करने के लिए सेबी ने शेयर बाजारों को उन होल्डिंग कंपनियों के लिए एक विशेष नीलामी सत्र आयोजित करने को कहा था, जिनके शेयर उनके बुक वैल्यू की तुलना में बहुत कम कीमत पर कारोबार कर रहे थे। इसके बाद 29 अक्टूबर को एल्सिड का शेयर सिर्फ 3.53 रुपये से बढ़कर 2,36,250 रुपये हो गया था। एक ही दिन में 66,92,535% की बढ़ोतरी हुई थी। ये बहुत बड़ी उछाल थी।
डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, आज़ाद हिन्द के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।













