राष्ट्रपति ने कहा- किया जाना चाहिए एआई का उपयोग
एआई भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में उभर रहा है और आने वाले दशकों में इसका देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), रोजगार और उत्पादकता में महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी बाधाओं को कम करने के लिए एआई का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने इस अवसर पर वर्चुअली ओडिशा के रायरंगपुर में स्थित इग्नू रीजनल सेंटर और स्किल सेंटर का उद्घाटन भी किया।
शिक्षा के क्षेत्र में हो रहीं सरकारी पहल
शिक्षा मंत्रालय व कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की ओर से देश में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी पहल की जा रही हैं। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षा और कौशल किसी भी समाज के विकास और सबसे कमज़ोर वर्गों को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारे लोगों को शिक्षा और कौशल से सशक्त बनाना ही विकसित भारत की नींव है। विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जंयत चौधरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखने और काम करने के तरीकों को सक्रिय रूप से बदल रहा है। इंडिया AI मिशन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ही कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्किलिंग फॉर एआई रीडनेस प्रोग्राम के जरिए बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। इस मौके पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव संजय कुमार भी मौजूद रहे।
डेटा साइंस, एआई इंजीनियरिंग का होगा प्रमुख रोल
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि एआई भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण चालक के रूप में उभर रही है। आने वाले दशक में एआई देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), रोजगार और समग्र उत्पादकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डेटा साइंस, एआई इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशल देश के एआई प्रतिभा भंडार के विकास में एक अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न संस्थानों, उद्योग भागीदारों और शिक्षाविदों के सहयोग से यह सुनिश्चित कर रही है कि भारत न केवल प्रौद्योगिकी को अपनाए, बल्कि इसके माध्यम से एक जिम्मेदार भविष्य का निर्माण भी करे। ‘एआई लैब्स’ और ‘एआई मॉडल’ के माध्यम से बच्चों में नई सोच और भविष्य को ध्यान में रखते हुए कौशल विकसित किए जा रहे हैं।
भारत के लक्ष्य की दिशा में काम करने और भारत को ज्ञान की महाशक्ति तथा प्रौद्योगिकी-आधारित समावेशी और समृद्ध राष्ट्र में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार स्कूलों में एआई के उपयोग को बढ़ावा दे रही है और बच्चों को तकनीकी नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि शुरू की गई ‘स्किल द नेशन चैलेंज’ का उद्देश्य बड़े पैमाने पर एआई सीखने और नवाचार को बढ़ावा देना है।














