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  • राष्ट्रपति भवन में राजगोपालाचारी की प्रतिमा… शशि थरूर ने इस फैसले पर कैसे किया रिएक्ट

    नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में एडविन लुटियंस की प्रतिमा हटाकर स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा को जगह दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को उनकी प्रतिमा का अनावरण किया है। केंद्र सरकार के इस कदम पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर ने रिएक्ट


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    By Azad Hind Desk फरवरी 24, 2026
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    नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में एडविन लुटियंस की प्रतिमा हटाकर स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा को जगह दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को उनकी प्रतिमा का अनावरण किया है। केंद्र सरकार के इस कदम पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर ने रिएक्ट किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि राजाजी को राष्ट्रपति भवन में प्रतिमा से सम्मानित किया गया है।

    पीएम मोदी की पोस्ट पर थरूर ने किया रिएक्ट

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर राजगोपालाचारी की प्रतिमा के अनावरण की तस्वीरें शेयर की गई हैं। इस पर पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी की पोस्ट पर रिएक्ट करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बेहद खास पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि राजाजी को राष्ट्रपति भवन में प्रतिमा से सम्मानित किया गया है। गणतंत्र बनने से पहले, वे भारत के एकमात्र भारतीय गवर्नर-जनरल के रूप में राष्ट्रपति भवन के पहले भारतीय अधिपति थे। बाद में उन्होंने अपना पद नए राष्ट्रपति को सौंप दिया।

    राजाजी को लेकर शशि थरूर ने कही बड़ी बात

    शशि थरूर ने आगे कहा कि मैं सी राजगोपालाचारी के दृढ़ विश्वासों का हमेशा से प्रशंसक रहा हूं और अपने छात्र जीवन में उनकी स्वतंत्र पार्टी का प्रबल समर्थक था। उनके मूल्य और सिद्धांत उदार अर्थशास्त्र और मुक्त उद्यम का समर्थन, सामाजिक न्याय के साथ था। उनका भारतीय सभ्यता और धार्मिक आस्था में दृढ़ विश्वास था। लेकिन सांप्रदायिक कट्टरता का कोई अंश नहीं था। और संविधान की ओर से प्रदत्त अधिकारों और स्वतंत्रता में अटूट आस्था, जिसमें सरकार को हमारे रसोई घरों, शयनकक्षों और पुस्तकालयों से दूर रखना शामिल है। आज भी मेरे लिए प्रेरणादायक हैं। यह दुखद है कि आज उनके अनुयायियों की संख्या बहुत कम है।

    कहां पर लगी है सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा

    राष्ट्रपति भवन में अशोक मंडप के पास ग्रैंड ओपन सीढ़ी पर स्थित चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा ने एडविन लुटियंस की प्रतिमा का स्थान ले लिया है। यह पहल गुलामी मानसिकता के अवशेषों को मिटाने और भारत की समृद्ध संस्कृति, विरासत, शाश्वत परंपराओं को गर्व से अपनाने तथा भारत माता की सेवा में असाधारण योगदान देने वालों को सम्मानित करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा है।

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