फोटो में राहुल गांधी के सीने से एक छोटा सा बच्चा लिपटा हुआ है। कांग्रेस ने राहुल गांधी की ये तस्वीर शेयर की है, जिसमें वो एक बच्चे को गोद में लिए नजर आ रहे हैं, तस्वीर के साथ INC ने लिखा- ‘देखभाल करने वाले हाथों में, भविष्य सुरक्षित महसूस होता है’ इस फोटो के संदेश से भी कांग्रेस ने सरकार पर हमला किया है। दरअसल राहुल गांधी नरवणे की किताब का हवाला देकर जनता को बता रहे हैं कि देश सुरक्षित हाथों में नहीं है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते हैं। हाल ही में राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण की एक प्रति लेकर संसद पहुंचे थे और कहा था कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में आते हैं तो वह यह पुस्तक उन्हें भेंट करेंगे।
उन्होंने पत्रकारों को पुस्तक दिखाते हुए कहा था, ‘वे (सरकार) कहते हैं कि यह किताब अस्तित्व में नहीं है, लेकिन यह रही किताब। भारत के हर युवा को यह देखना चाहिए कि यह किताब मौजूद है। यह नरवणे जी की किताब है, लेकिन मुझे कहा गया है कि मैं इसका जिक्र नहीं कर सकता।’
- राहुल गांधी ने दावा किया कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कही एक लाइन है कि ‘जो उचित समझो, वो करो।’
- कांग्रेस नेता ने कहा, ‘नरवणे जी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी को फोन कर बताया कि सीमा पर चीन के टैंक आ गए हैं, हमें क्या करना है? लेकिन तब राजनाथ सिंह जी का कोई उत्तर नहीं आया। नरवणे जी ने उन्हें फिर फोन किया, जिस पर रक्षा मंत्री ने कहा- मैं ‘ऊपर’ से पूछता हूं। ‘ऊपर’ से आदेश आया कि जब चीन की सेना हमारी सीमा के अंदर आए तो बिना हमसे पूछे फायर नहीं करें।’
- उनका कहना था, ‘हमारी सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी, क्योंकि वो भारत की सीमा में घुस आए थे। लेकिन इस मुश्किल समय में नरेन्द्र मोदी जी ने संदेश दिया- ‘जो उचित समझो, वो करो।’’ मतलब प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की और सेना से कहा कि आपको जो करना है करो, मेरे बस की नहीं है।’
- राहुल गांधी के मुताबिक, तत्कालीन सेना प्रमुख नरवणे ने अपनी किताब में साफ लिखा है, ‘मुझे बहुत अकेलापन महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था।’













