इकोनॉमिक सर्वे की तारीफ में क्या बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, “मैं इकोनॉमिक सर्वे देख रहा था और मुझे उसमें दो बातें मिलीं, ठोस बातें, गहरी बातें जो मुझे पसंद आईं। पहली बात, कि हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां जियोपॉलिटिकल टकराव बढ़ रहा है… अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस, और दूसरी ताकतें चुनौती दे रही हैं। दूसरी बात यह है कि हम एनर्जी और फाइनेंशियल हथियारों की दुनिया में रह रहे हैं। यहां वे जो मुख्य बात कह रहे हैं, वह यह है कि हम स्थिरता की दुनिया से अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, और NSA ने, कुछ समय पहले, चौंकाने वाली बात कही, कि युद्ध का दौर खत्म हो गया है। असल में, हम युद्ध के दौर में जा रहे हैं। आप देख सकते हैं कि यूक्रेन में युद्ध है, गाजा में युद्ध था, मिडिल ईस्ट में युद्ध है, ईरान में युद्ध का खतरा है। ऑपरेशन सिंदूर हुए थे। तो हम अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं। डॉलर को चुनौती दी जा रही है। जैसा कि दूसरी तरफ मेरे दोस्त समझते हैं, मुख्य खेल यह है कि डॉलर को चुनौती दी जा रही है, अमेरिका के दबदबे को चुनौती दी जा रही है।
अमेरिका को भारत का डेटा चाहिएः राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, “जब आप एक खतरनाक दुनिया में जाते हैं तो सबसे पहले आपको क्या समझना होगा? मैं सदन को अपनी ताकत बताना चाहूंगा। मुख्य ताकत हमारे 1.4 बिलियन लोग हैं; ब्रिलियंट, एनर्जेटिक, डायनामिक जो दुनिया में किसी को भी चुनौती दे सकते हैं।” राहुल ने इंजीनियरों और IT सेक्टर का जिक्र करते हुए कहा, “AI से बहुत सारी नौकरियों को चुनौती मिलेगी। AI के बारे में बात करना पेट्रोल की बात किए बिना इंटरनल कंबशन इंजन के बारे में बात करने जैसा है, AI के लिए पेट्रोल डेटा है।” राहुल गांधी ने कहा कि फिलहाल डेटा सबसे अहम है। अमेरिका को सबसे केवल डेटा चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के लिए भारत का डेटा सबसे अहम है।
राहुल गांधी ने कहा कि हम एक सुपरपावर की दुनिया से किसी नई दुनिया में जा रहे हैं, असल में हम इसका अंदाजा नहीं लगा सकते।”














