‘क्या भारत विभाजन की योजना बना रहे हैं?’
निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को दिए अपने सब्सटेंटिव मोशन की कॉपी एक्स पर शेयर करके लिखा है,’क्या लोकसभा में विपक्ष का नेता भारत के विभाजन की योजना सत्ता पाने के लिए बना रहा है?’ उन्होंने अपने नोटिस में अपने आरोपों का जिक्र करते हुए कहा,’सोरोस, फोर्ड फाउंडेशन और टुकड़े-टुकड़े गैंग के सरगना राहुल गांधी के ऊपर मेरे यह आरोप हैं, जिसपर मैंने लोकसभा अध्यक्ष से बहस की अनुमति मांगी है।’
राहुल की विदेश यात्राओं की फंडिंग कौन करता है
दुबे ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी में सदन से एक खास संसदीय जांच समिति गठित कर संसद में उनके हालिया भाषण में ‘अनैतिक आचरण’ की तहकीकात की मांग की है। उन्होंने संवैधानिक जिम्मेदारी का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता को ‘देश को अंदर से अस्थिर करने वाले ठग गैंग’ का बड़ा हिस्सा बताया। उन्होंने आरोप लगाया है कि राहुल बहुत ही कुख्यात संगठन फोर्ड फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य हैं, जो उनकी महंगी विदेश यात्राओं की फंडिग करता है।
क्या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी सरकार
बता दें केंद्र सरकार ने पहले राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की बात कही थी। लेकिन, बाद में इस रणनीति में बदलाव कर लिया। वैसे राहुल गांधी बीजेपी की अगुवाई वाली सकार को अपने खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की चुनौती दे चुके हैं और कहा है कि वह किसानों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का फैसला क्यों बदला
वैसे संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं लाने के बारे में कहा, ‘पहले तो सरकार ने तय किया था कि एक मोशन मूव करेंगे। राहुल गांधी ने जिस तरह से गैरकानूनी तरीके से जो किताब पब्लिश ही नहीं हुई, उसका जिक्र करना…बेच दिया जैसी अनाप-शनाप बातें कीं, प्रधानमंत्री के बारे में बहुत गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। कई मुद्दे हैं, जो हम नोटिस देना चाहते थे। हमारे एक मेंबर निशिकांत दुबे ने सब्सटेंटिव मोशन लाया है, इसलिए सरकार ने अपने मोशन को अभी ड्रॉप किया है।’













