रिलायंस ने पिछले साल के मध्य से वेनेजुएला से तेल खरीदना बंद कर दिया था। अब उन्होंने फिर से यह खरीद शुरू की है। यह सौदा इसलिए भी खास है क्योंकि अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर कार्रवाई की है। इसके बाद अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल उद्योग में भी कदम रखा है।
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ट्रेड डील में थी शर्त
हाल में भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील हुई है। इस समझौते के तहत भारत के निर्यात पर लगने वाले टैक्स को कम किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को रूस से तेल आयात बंद करने से जोड़ा था। हालांकि, भारत ने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है।
वेनेजुएला के तेल से पुराना रिश्ता
भारत इससे पहले भी वेनेजुएला से तेल खरीदता रहा है। रिलायंस भी अमेरिका की छूट के तहत पिछले साल तक वेनेजुएला से तेल आयात कर रहा था। साल 2019 में वेनेजुएला के कुल तेल निर्यात का लगभग 25% भारत को जाता था।
यह वापसी भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तेल आपूर्ति में विविधता लाने की कोशिशों का हिस्सा है। अमेरिका की नई नीतियों ने वेनेजुएला के तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में वापस लाने में मदद की है। रिलायंस का यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
रूस से घट गया आयात
पिछले साल जून में भारत रूस से हर दिन करीब 20 लाख बैरल तेल खरीद रहा था। केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में भारत का रूसी तेल आयात घटकर 11 लाख बैरल प्रति दिन रह गया, जो नवंबर 2022 के बाद सबसे कम है। जानकारों के मुताबिक भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करेगा। लेकिन इसमें कमी जरूर आएगी।













