ब्रोकरेज कंपनियों का कहना है कि यह साल रिलायंस के लिए ईयर ऑफ कैटालिस्ट्स साबित होगा। मॉर्गन स्टेनली के मयंक माहेश्वरी ने कहा किन रिलायंस की आने वाली तिमाही में एनर्जी बिजनेस चमकेगा जबकि रिटेल थोड़ा धीमा रहेगा। कमाई का रास्ता अब भी मजबूत है और हर तिमाही में कई कैटालिस्ट मौजूद रहेंगे। हालांकि कंज्यूमर रिटेल निकट भविष्य में शेयर के प्रदर्शन को थोड़ा धीमा कर सकता है।
चीन ने लगा दिया अड़ंगा, रुक गया रिलायंस का बड़ा प्रोजेक्ट, मुकेश अंबानी ने किया है बड़ा निवेश
ऑयल बिजनेस
मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी का EBITDA पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 10% बढ़ेगा। इसका मुख्य कारण ऑयल टू केमिकल्स सेगमेंट में 16% की वृद्धि होगी क्योंकि रिफाइनिंग बिजनेस अब भी अच्छी रफ्तार से चल रहा है। गोल्डमैन सैश का अनुमान है कि O2C EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 11% और पिछले साल के मुकाबले 16% बढ़ेगा। एक्सिस कैपिटल के गौरव मल्होत्रा का अनुमान है कि कुल EBITDA ₹467 बिलियन होगा, जो पिछली तिमाही से 2% और पिछले साल की इसी तिमाही से 7% ज्यादा है।
रिटेल ग्रोथ की रफ्तार धीमी
हालांकि रिटेल सेगमेंट कुछ चुनौतियों का सामना कर रहा है। गोल्डमैन सैश ने रिलायंस रिटेल के लिए दिसंबर तिमाही में सेल्स ग्रोथ की उम्मीद को पहले के 12% से घटाकर लगभग 10% कर दिया है। यह सितंबर तिमाही में दर्ज की गई 21.3% की वृद्धि से काफी कम है। गोल्डमैन के विश्लेषक निखिल भंडारी ने एक नोट में कहा कि अन्य कंपनियों में देखे गए रुझानों के अनुरूप, हम उम्मीद करते हैं कि रिटेल में कमाई की वृद्धि धीमी होगी। इसकी वजह यह है कि लोग कम खर्च कर रहे हैं।
36 लाख निवेशकों को तगड़ा फायदा! गोल्डमैन सेश ने रिलायंस को बनाया फेवरेट स्टॉक का हिस्सा, जानिए क्यों?
रिलायंस के शेयरों में आज तेजी दिख रहा है। बीएसई पर यह करीब एक फीसदी तेजी के साथ 1464.85 रुपये तक हाई गया। 11.05 बजे यह 0.86% की तेजी के साथ 1464.05 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 19,81,221.66 करोड़ रुपये रह गया है। रिलायंस के शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,611.20 रुपये और न्यूनतम स्तर 1,115.55 रुपये है।
(डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, आज़ाद हिन्द के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।)












