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  • रूसी हथियार यूक्रेन में फेल, पाकिस्तान के प्यारे पोलैंड के विदेश मंत्री ने की भारत पर तंज कसने की कोशिश, एक्सपर्ट ने दिखाया आईना

    वारसॉ/नई दिल्ली: पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने यूक्रेन युद्ध में रूसी हथियारो को लेकर भारत पर तंज कसने की कोशिश की है। उन्होंने कहा है कि भारत ने भारी मात्रा में रूसी हथियार खरीदे हैं और रूसी हथियार, यूक्रेन युद्ध में धाराशाई हो रहे हैं। रूसी तेल पर भारत का विरोध करने के


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    By Azad Hind Desk फरवरी 14, 2026
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    वारसॉ/नई दिल्ली: पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने यूक्रेन युद्ध में रूसी हथियारो को लेकर भारत पर तंज कसने की कोशिश की है। उन्होंने कहा है कि भारत ने भारी मात्रा में रूसी हथियार खरीदे हैं और रूसी हथियार, यूक्रेन युद्ध में धाराशाई हो रहे हैं। रूसी तेल पर भारत का विरोध करने के बाद, पोलिश विदेश मंत्री सिकोरस्की अब भारत की डिफेंस खरीद का मजाक उड़ा रहे हैं। पोलैंड, जिसके पाकिस्तान के साथ संबंध रहे हैं, पिछले महीने उनका भारतीय विदेश मंत्री ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान जमकर नसीहद दी थी। एस जयशंकर ने पोलैंड को पाकिस्तान के आतंकवाद को लेकर डबल गेम की आलोचना की थी।

    लेकिन पोलैंड का पाकिस्तान प्रेम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब उन्होंने यूक्रेन युद्ध में रूसी हथियारों को लेकर भारत का मजाक उड़ाने की कोशिश की है। ये सच है कि यूक्रेन युद्ध में रूसी हथियार धाराशाई हुए हैं, लेकिन उनकी परिस्थितियां अलग हैं। इसी बात को लेकर भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने पोलैंड के विदेश मंत्री को आईना दिखाया है। उन्होंने कहा है कि “सिकोरस्की रूस का कट्टर दुश्मन है।”

    पूर्व विदेश सचिव ने पोलैंड को दिखाया आईना
    कंवल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि “रूसी मिलिट्री इक्विपमेंट ने भारत के बहुत काम आए हैं।” उन्होंने आगे लिखा है कि “ब्रह्मोस एक जबरदस्त हथियार है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 बहुत असरदार साबित हुआ था। हमारे रक्षा मंत्री ने और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने में सार्वजनिक तौर पर दिलचस्पी दिखाई है। ओरेशनिक समेत रूसी मिसाइलों की रेंज ने यूक्रेन युद्ध में खुद को साबित किया है। अगर रूसी मिलिट्री इक्विपमेंट काम नहीं करते हैं तो यूरोप क्यों कह रहा है, कि अगर रूस यूक्रेन में कामयाब होता है तो इससे यूरोप को खतरा होगा। यह डर क्यों है?”

    कंवल सिब्बल ने आगे कहा कि “सिकोरस्की की टाइमलाइन कन्फ्यूज्ड हैं। नॉन-अलाइंड पीरियड के दौरान भारत द्वारा खरीदे गए रूसी हथियार यूक्रेन में कैसे बेअसर साबित हुए? क्या आप अभी भी बीते युग में ही जी रहे हैं।” आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के स्वदेशी हथियारों के साथ रूसी हथियारों ने अपनी क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया था। एस-400 ने 314 किलोमीटर की दूरी से पाकिस्तान के सर्विलांस अवाक्स एयरक्राफ्ट को मारकर विश्वरिकॉर्ड कायम किया है। वहीं, भला ब्रह्नोस की मार पाकिस्तान कैसे भूल सकता है। ब्रह्मोस मिसाइलों ने ही पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर सटीक हमले किए थे।

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