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  • रूस की परमाणु ताकत और बढ़ेगी: यूक्रेन युद्ध के चार साल पर पुतिन ने किया बड़ा ऐलान, अमेरिका टेंशन में

    मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे होने के अवसर पर देश की परमाणु ताकत बढ़ाने का ऐलान किया। पुतिन ने कहा है कि रूस अपनी मिलिट्री और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को बेहतर बनाता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में न्यूक्लियर ट्रायड एक “बिना शर्त प्राथमिकता” है। पुतिन


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    By Azad Hind Desk फरवरी 23, 2026
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    मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे होने के अवसर पर देश की परमाणु ताकत बढ़ाने का ऐलान किया। पुतिन ने कहा है कि रूस अपनी मिलिट्री और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को बेहतर बनाता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में न्यूक्लियर ट्रायड एक “बिना शर्त प्राथमिकता” है। पुतिन ने यह ऐलान तब किया है, जब रूस और अमेरिका के बीच हुई न्यू स्टार्ट (New START) संधि समाप्त हो चुकी है। इसके टूटने से दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों पर लगी कानूनी सीमाएं (1,550 तैनात वॉरहेड) हट गई हैं, जिससे एक नई, अनियंत्रित परमाणु हथियारों की होड़ शुरू होने और वैश्विक अस्थिरता बढ़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

    पुतिन ने रूस के न्यूक्लियर ट्रॉयड को बढ़ाने का ऐलान सोमवार को डिफेंडर ऑफ़ द फादरलैंड डे के मौके पर एक वीडियो संबोधन में किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने रूस की आजादी की रक्षा के लिए, खास तौर पर यूक्रेन के खइलाफ सैन्य अभियान के दौरान सैनिकों की जमकर तारीफ की। उन्होंने यूक्रेन संघर्ष से मिले कॉम्बैट एक्सपीरियंस का इस्तेमाल करके रूसी सेना और नौसेना को मजबूत करने, और रूस की साइंस और हाई-टेक इंडस्ट्रीज की मदद से सभी मिलिट्री ब्रांच में कॉम्बैट रेडीनेस बढ़ाने का वादा किया।

    न्यूक्लियर ट्रायड पर पुतिन इतना जोर क्यों दे रहे?

    उन्होंने कहा, “न्यूक्लियर ट्रायड का डेवलपमेंट रूस की सिक्योरिटी की गारंटी देता है और हमें दुनिया में स्ट्रेटेजिक डिटरेंस और पावर बैलेंस को असरदार तरीके से पक्का करने में मदद करता है। ऐसे में न्यूक्लियर ट्रायड हमारी बिना शर्त प्राथमिकता बनी हुई है।” पुतिन के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि रूस एक बार फिर परमाणु हथियारों की रेस में शामिल हो सकता है। रूस के पास पहले ही दुनिया में सबसे अधिक परमाणु हथियार हैं।

    रूस के परमाणु हथियार

    रूस के पास दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु हथियार भंडार है, जो मुख्य रूप से सोवियत संघ के दौर से विरासत में मिला है। 1991 में विघटन के बाद, लगभग 45,000 युद्धक (1986 के चरम पर) रूस को मिले। रूस ने ‘त्सार बोम्बा’ (50+ मेगाटन) जैसे बेहद शक्तिशाली हथियारों का परीक्षण किया है। Wikipedia के अनुसार, रूस के परमाणु हथियार आज भी उसकी रक्षा नीति का एक प्रमुख हिस्सा हैं, जो भूमिगत और मिसाइल-आधारित प्रणालियों का उपयोग करते हैं।

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