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  • रूस-यूक्रेन युद्ध का भारत पर असर: S-400 मिसाइल की डिलीवरी में देरी, क्या पुतिन खुद कर रहे हैं इनका इस्तेमाल?

    मॉस्को: भारत लंबे समय से रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम की बाकी बची रेजिमेंट की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। हालांकि, रूस तमाम आश्वासनों और डेडलाइन के बावजूद इन्हें भारत को सौंपने में नाकाम रहा है। इस बीच भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रूस में बने S-400 सिस्टम के लिए 288 और


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    By Azad Hind Desk फरवरी 18, 2026
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    मॉस्को: भारत लंबे समय से रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम की बाकी बची रेजिमेंट की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। हालांकि, रूस तमाम आश्वासनों और डेडलाइन के बावजूद इन्हें भारत को सौंपने में नाकाम रहा है। इस बीच भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रूस में बने S-400 सिस्टम के लिए 288 और सरफेस-टू-एयर मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी है। इस खरीद की अनुमानित कीमत 100 अरब रुपये है। इस खरीद में 120 शॉर्ट-रेंज मिसाइलें और 168 लॉन्ग-रेंज मिसाइलें शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, भारत को इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि रूस हाल-फिलहाल में इन्हें डिलीवर करने की स्थिति में नहीं है।

    भारत, रूस से किन मिसाइलों को खरीद रहा?

    डिफेंस एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने रूस से खरीदी जाने वाली S-400 मिसाइल सिस्टम की मिसाइलों के बारे में आधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं दी है। हालांकि, मौजूदा जानकारियों के आधार पर माना जा रहा है कि शार्ट रेंज मिसाइलें 9M96E फैमिली की हैं। इनकी घोषित रेंज 40 किलोमीटर से शुरू होती है। वहीं, नई 9M96E2 मिसाइल की रेंज 120 किमी तक है। नई मिसाइल में एक एक्टिव सीकर लहा होता है। एक ट्रांसपोर्ट-लॉन्च कंटेनर में ऐसी चार मिसाइलें लोड की जा सकती हैं।

    48N6E3 मिसाइल की रेंज कितनी है?

    सबसे एडवांस्ड 48N6E3 मिसाइल की अधिकतम मार करने की रेंज 250 किमी तक है। यह मिसाइल 27 किमी की ऊंचाई तक पहुंच सकती है। यह मिसाइल रेडियो करेक्शन के साथ एक सेमी-एक्टिव रडार सीकर का इस्तेमाल करती है। इसके हर ट्रांसपोर्ट-लॉन्च कंटेनर में एक मिसाइल होती है।

    रूस ने एक्सपोर्ट की जाने वाली मिसाइल से किया हमला?

    डिफेंस एक्सप्रेस ने दावा किया कि 23 जनवरी 2026 को रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला किया था। रूसी हमले से तबाह हुई जगहों के मलबे की जब जांच की गई, तब पता चला कि रूस ने S-400 सिस्टम के 48N6E2 मिसाइल का इस्तेमाल किया था। खास बात यह थी कि इस्तेमाल की गई मिसाइल एक एक्सपोर्ट वर्जन थी, जिसके डेजिग्नेशन में E अक्षर का उल्लेख है। माना जा रहा है कि रूस ने इस मिसाइल को खासतौर पर भारत को एक्सपोर्ट करने के लिए बनाया था।

    भारत को भेजी जाने वाली मिसाइलें इस्तेमाल कर रहा रूस?

    रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में भारत अकेला ऐसा देश है जिसने रूसी S-400 सिस्टम और उससे जुड़ी मिसाइलों की सप्लाई के लिए ऑर्डर दिया हुआ है। इसलिए, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि यूक्रेन में हमले के लिए इस्तेमाल की गई 48N6E2 मिसाइल असल में मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट के तहत भारत को डिलीवर करने के लिए थी। ऐसे में आशंका जताई गई है कि रूस गोला-बारूद की कमी के कारण यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल के लिए एक्सपोर्ट के लिए तय मिसाइलों को इस्तेमाल कर रहा है।

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