दरअसल, पुणे में प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं। एक टेकी ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव शेयर किया, जिससे इस मुद्दे पर खूब चर्चा हो रही है। उन्होंने बताया कि कैसे कुछ ही हफ्तों में एक तीन बेडरूम वाले फ्लैट की कीमत बहुत बढ़ गई। यह देखकर लोग हैरान हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या पुणे का रियल एस्टेट बाजार वाकई बहुत गर्म हो गया है।
DDA Flats: डीडीए का यह प्रोजेक्ट हो गया फेल! पहले राउंड में नहीं आए खरीदार, अब शुरू की नई स्कीम
दो हफ्ते में बढ़ गए 20 लाख रुपये
उस शख्स ने बताया कि उन्होंने एक फ्लैट लॉन्च के समय देखा था। तब उसकी कीमत 1.80 करोड़ रुपये थी। करीब दो हफ्ते बाद जब वे दोबारा उसी फ्लैट को देखने गए, तो उसकी कीमत बढ़कर लगभग 1.95 करोड़ रुपये हो गई थी। इतनी जल्दी कीमत बढ़ने से वे चौंक गए, क्योंकि फ्लैट में कोई नया फीचर या बदलाव नहीं हुआ था जो इतनी बढ़ोतरी को सही ठहरा सके।
बाद में जब उन्होंने और जानकारी लेने की कोशिश की, तो प्रॉपर्टी डीलर ने और भी ज्यादा कीमत बताई। अब वह फ्लैट 2 करोड़ रुपये का हो गया था। यानी करीब दो हफ्ते में उसकी कीमत 20 लाख रुपये बढ़ गई थी। साथ ही अनुमान था कि अगले महीने तक यह 2.15 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। लगातार बढ़ती कीमतों को देखकर खरीदार सोचने लगा कि आखिर इस बढ़ोतरी के पीछे क्या वजह है? क्या यह असली मांग की वजह से हो रहा है या फिर लोग सिर्फ सट्टेबाजी कर रहे हैं?
क्यों आई कीमत में तेजी?
इस खरीदार ने कीमतों में इतनी तेजी आने के दो कारण बताए। पहला, शायद भारत का रियल एस्टेट बाजार एक बड़े बुलबुले की ओर बढ़ रहा है, जिसमें सट्टेबाजी का बोलबाला है। दूसरा कारण यह हो सकता है कि मांग इतनी ज्यादा है कि बेचने वाले हर कुछ हफ्तों में कीमतें बढ़ाने में सहज महसूस कर रहे हैं। उनकी यह बात सुनकर बहुत से लोगों को अपने अनुभव याद आ गए, जिन्होंने बड़े शहरों में ऐसी ही मुश्किलों का सामना किया है।
लोगों ने कहा- ब्लैकमनी को व्हाइट करने का तरीका
इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया गया और हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने कहा कि प्रॉपर्टी में निवेश का इस्तेमाल अब काले धन को सफेद करने के लिए किया जा रहा है। कुछ लोगों का मानना था कि भारत की बड़ी आबादी और विदेश में रहने वाले भारतीयों की वजह से बाजार में अचानक गिरावट की संभावना कम है, लेकिन बढ़ती कीमतों का बोझ आम खरीदारों पर ही पड़ेगा। कुछ लोगों ने तो इस ट्रेंड को बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर बताया और चेतावनी दी कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो घर खरीदने वालों को भारी परेशानी होगी।













