सुबह 11 बजे तक कारोबार के दौरान यह शेयर करीब 11 फीसदी उछलकर 123.35 रुपये पर आ गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट भी आई। सुबह 11:30 बजे यह शेयर 7.37% की तेजी के साथ 119.45 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कंपनी ने एक दिन पहले यानी 16 फरवरी को 219.18 करोड़ रुपये और 23.45 करोड़ रुपये के दो नए ऑर्डर मिलने की घोषणा की थी। इसके बाद आज मंगलवार को इस शेयर में तेजी आई।
सड़क-रेलवे के लिए 11000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, कसारा-मनमाड रूट का विस्तार, डबल अंडरवाटर टनल, कैसे और कहां?
कौन-कौन से हैं दो नए ऑर्डर?
कंपनी ने बताया कि उसे मुंबई रेलवे विकास निगम लिमिटेड ( MRVC ) से 219.18 करोड़ रुपये का एक बड़ा ठेका मिला है। यह ठेका मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP-IIIA) के तहत बनने वाली एक नई उपनगरीय रेलवे लाइन के लिए सिग्नलिंग सिस्टम को डिजाइन करने, सप्लाई करने, लगाने, टेस्ट करने और चालू करने का है। इस प्रोजेक्ट में नई मुंबई उपनगरीय कॉरिडोर के लिए एडवांस सिग्नलिंग उपकरण और संबंधित सिस्टम को शुरू से अंत तक लागू करना शामिल है। इस काम को पूरा होने में 36 महीने लगेंगे, जो काम शुरू करने के आदेश मिलने के बाद से गिने जाएंगे।
इसके अलावा, टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग को साउथ वेस्टर्न रेलवे से भी एक ठेका मिला है। यह ठेका मैसूरु डिवीजन में ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) और पावर सप्लाई इंस्टॉलेशन के वार्षिक रखरखाव और खराबी को ठीक करने के लिए है। यह दो साल का कॉन्ट्रैक्ट 1,046 ट्रैक किलोमीटर (TKM) की विद्युतीकरण इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित बिजली के उपकरणों को कवर करेगा। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल कीमत जीएसटी सहित 27.67 करोड़ रुपये है, और जीएसटी के बिना यह लगभग 23.45 करोड़ रुपये है।
क्या होगा कंपनी का काम?
- इस काम के तहत टेक्समैको नियमित, निवारक और आपातकालीन रखरखाव करेगा ताकि बिजली की सप्लाई बिना किसी रुकावट के चलती रहे।
- इन नए ऑर्डरों के साथ कंपनी का OHE और पावर सप्लाई रखरखाव का कुल काम अब 3,702.62 TKM तक पहुंच गया है।
- यह काम भारतीय रेलवे के कई डिवीजनों और कॉरिडोर में फैला हुआ है, जिसमें बेंगलुरु डिवीजन और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। इससे रेलवे विद्युतीकरण सेवाओं में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत हुई है।
तीसरी तिमाही में कंपनी को फायदा
टेक्समैको रेल कंपनी ने तीसरी तिमाही में 42.8 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया। यह पिछले साल की इसी अवधि में 76.7 करोड़ रुपये के मुकाबले 44.2% कम है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 1,041 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 1,326 करोड़ रुपये की तुलना में 21.5% कम है। EBITDA में भी 32.6% की गिरावट आई और यह 88.3 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 131 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी घटकर 8.5% रह गया, जो पिछले साल 9.9% था।
डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, आज़ाद हिन्द के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।













