रोहित शर्मा के साथ शुरुआती नोकझोंक
यह घटना जून 2015 की है, जब भारतीय टीम बांग्लादेश के दौरे पर थी। सीरीज के पहले ही वनडे मैच में मुस्तफिजुर रहमान बार-बार भारतीय बल्लेबाजों के रास्ते में आ रहे थे। जब रोहित शर्मा बल्लेबाजी कर रहे थे, तब रन दौड़ते समय मुस्तफिजुर जानबूझकर पिच के बीच में आ गए। रोहित ने उन्हें चेतावनी भी दी, लेकिन युवा गेंदबाज का आक्रामक रवैया कम नहीं हुआ।
जब कैप्टन कूल को आया गुस्सा
असली ड्रामा तब हुआ जब महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी करने आए। मुस्तफिजुर अपनी उसी हरकत को दोहरा रहे थे—गेंद फेंकने के बाद बल्लेबाज के रन लेने वाले रास्ते (फॉलो-थ्रू) में खड़े हो जाना। भारतीय पारी के 25वें ओवर में जब धोनी ने एक रन चुराने की कोशिश की, तो मुस्तफिजुर फिर से उनके रास्ते में आ गए।
दोनों खिलाड़ियों पर जुर्माना
आमतौर पर शांत रहने वाले धोनी इस बार नहीं झुके। उन्होंने अपना रास्ता नहीं बदला और मुस्तफिजुर से टकराते हुए निकल गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मुस्तफिजुर को मैदान से बाहर जाना पड़ा। हालांकि मैच के बाद आईसीसी ने दोनों पर जुर्माना लगाया था।
धोनी पर मैच फीस का 75% और मुस्तफिजुर पर 50% जुर्माना लगा। खेल विशेषज्ञों का मानना था कि एक युवा खिलाड़ी के लिए अपने डेब्यू मैच में ही दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ऐसा ‘शर्मनाक’ व्यवहार करना सही नहीं था। जानबूझकर बल्लेबाज के रास्ते में आना न केवल खेल भावना के खिलाफ था बल्कि यह खतरनाक भी हो सकता था।













