राष्ट्रीय सिनेमा अकैडमी का उद्देश्य भारत की सभी भाषाओं और रीजनल फिल्म इंडस्ट्रीज को एकसाथ मंच पर लाना है। भारतीय सिनेमा के लिए एक लॉन्ग टर्म इंस्टीट्यूशन के रूप में तैयार INCA, अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और रचनात्मक विभागों के बीच कोलैबरेशन, ट्रांसपैरेंसी और भरोसेमंद सम्मानित सिस्टम की दिशा में काम करेगी।
‘मेरा और अवॉर्ड्स का दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं’
इस मौके पर रोहित शेट्टी भी मौजूद थे। उन्होंने हंसते हुए इस मौके पर कहा, ‘मेरा और अवॉर्ड्स का दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं है। अब तक मेरी 17 फिल्में हो चुकी हैं और मैं वहां सिर्फ होस्टिंग के लिए ही जाता हूं।’
मनोज तिवारी ने कहा- मैं खुद भी कोई अवॉर्ड नहीं जीत पाया
इस इवेंट में पहुंचे मनोज तिवारी ने भोजपुरी सिनेमा को लेकर बातें कीं। उन्होंने कहा, ‘साल 2004 में मैंने एक भोजपुरी फिल्म में काम किया था। वह फिल्म सिर्फ 30 लाख रुपये में बनी थी, लेकिन उसने करीब 54 करोड़ रुपये का बिज़नेस किया। फिर भी उस फिल्म के निर्देशक को एक भी अवॉर्ड नहीं मिला, न ही उसके लेखक को सम्मानित किया गया। मनोज तिवारी ने कहा, ‘यहां तक कि एक्टर यानी मैं खुद भी कोई अवॉर्ड नहीं जीत पाया। इसलिए इसके लिए मैं विष्णु का दिल से धन्यवाद करता हूं।’
आनंद एल. राय, प्रोसेनजीत चटर्जी, दिल राजू जैसी हस्तियां थीं मौजूद
इस घोषणा के अवसर पर देशभर के लीडिंग फिल्ममेकर्स, प्रड्यूसर, एक्टर्स और कल्चरल फील्ड के बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। इनमें रोहित शेट्टी, आनंद एल. राय, प्रोसेनजीत चटर्जी, दिल राजू, मनोज तिवारी, नवराज हंस, मनमोहन शेट्टी, खुशबू सुंदर, लक्ष्मी मांचू, अंकुर गर्ग, विष्णु वर्धन इंदुरी, शिबाशिष सरकार सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल थीं। इसी के साथ प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया भी इस पहल के साथ जुड़ा है।
फाउंडर विष्णु वर्धन इंदुरी बोले- एक यूनिवर्सल टैलेंट डेटाबेस
INCA के फाउंडर विष्णु वर्धन इंदुरी ने कह कि इसका उद्देश्य, ईमानदारी और मजबूत इरादों के साथ बनाया जा रहा है। हमारा लक्ष्य भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज़ के बीच सहयोग को बढ़ावा देना, फेयर और ट्रांसपेरेंसी के साथ उत्कृष्टता का सम्मान करना और भारतीय सिनेमा के लिए एक यूनिवर्सल टैलेंट डेटाबेस तैयार करना है।’













