सूत्रों ने बताया कि लोन अक्सर भारत आता रहा है। दिल्ली सहित कई शहरों में अपने संपर्कों से मिलने और बांग्लादेशी नागरिकों की भर्ती करने के लिए। इसका मुख्य काम भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को जोड़ना और उन्हें कट्टरपंथी बनाना था। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों को डिजिटली पुख्ता इनपुट मिले हैं कि तमिलनाडु का तिरुपुर एरिया देश विरोधी साजिशों का नया बेस बनाया जा रहा है।
8 आतंकियों को किया है गिरफ्तार
पिछले डेढ़ साल में तिरुपुर में 500 से अधिक बांग्लादेशियों को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर वापस उनके देश भेजा है। तिरुपुर तमिलनाडु का इंडस्ट्रियल एरिया है, जहां काम की तलाश में ये लोग आते हैं। सूत्रों के मुताबिक सैकड़ों बांग्लादेशी प्रवासी मजदूर बनकर फेक आईडी से रह रहे हैं। एजेंसियों को तिरुपुर में LeT मॉड्यूल से जुड़े चार और बांग्लादेशियों की तलाश है। रविवार को LeT के बड़े मॉड्यूल का स्पेशल सेल ने भंडाफोड़ किया, जिसमें 9 बांग्लादेशी समेत 8 कथित आतंकी को गिरफ्तार किया गया। ये सभी अपनी असली पहचान छिपाने के लिए भारतीय ID के साथ मूवमेंट कर रहे थे।
लश्कर के टॉप लीडर के संपर्क में
इस केस में सबसे ज्यादा चर्चा शब्बीर अहमद लोन की है, जो बांग्लादेश में बैठकर LeT के पूरे नेटवर्क को संभाल रहा है। लोन एक ट्रेंड लश्कर आतंकवादी और मॉड्यूल को वहीं से ऑपरेट कर रहा है। लोन के LeT के सीनियर कमांडरों के साथ सीधे संबंध हैं। यह 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और ऑपरेशन चीफ जकीउर रहमान लखवी के भी संपर्क में है। यह 2007 से ही लश्कर के टॉप लीडर के संपर्क में है। जांच में पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी ISI के शामिल होने की भी बात सामने आई है।













