जेफरीज के अनुसार वेनेजुएला के पास दुनिया के लगभग 18% तेल भंडार हैं, लेकिन फिलहाल यह वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में 1% से भी कम योगदान देता है। जब प्रतिबंधों में ढील मिलेगी, तो अमेरिकी बड़ी तेल कंपनियां वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में भारी निवेश करेंगी। इससे 2027-28 तक उत्पादन बढ़ सकता है। अगर OPEC+ देश उत्पादन में कटौती करके इसकी भरपाई नहीं करते हैं, तो इससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव आ सकता है।
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वेनेजुएला का तेल
रिलायंस को बहुत सस्ते दाम पर वेनेजुएला का कच्चा तेल मिल सकता है। रिलायंस का जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स इस तरह के तेल को प्रोसेस करने के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह से तैयार है। वेनेजुएला का कच्चा तेल भारी, खट्टा और अम्लीय होता है। दुनिया में बहुत कम रिफाइनरियां ही इसे संभाल सकती हैं। जेफरीज बताता है कि वेनेजुएला के तेल की कीमत ऐतिहासिक रूप से ब्रेंट क्रूड की तुलना में लगभग $5-8 प्रति बैरल कम रही है।
रिलायंस ने 2012 में वेनेजुएला की सरकारी कंपनी PDVSA के साथ मिलकर अपनी दैनिक कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 20% वेनेजुएला से लेने का समझौता किया था। लेकिन 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के कड़े होने के बाद यह सौदा खत्म हो गया था। अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह वेनेजुएला के कच्चे तेल को वैश्विक खरीदारों को बेचने की अनुमति देगा। जेफरीज का मानना है कि इससे रिलायंस फिर से रियायती दरों पर लंबी अवधि के लिए तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर सकती है। इससे कंपनी का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ेगा।
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ओएनजीसी का फायदा
इसी तरह सरकारी कंपनी ओएनजीसी को भी वेनेजुएला में अपनी परियोजनाओं से लंबे समय से अटका लाभांश मिल सकता है। जेफरीज के अनुसार, ओएनजीसी को सैन क्रिस्टोबल क्षेत्र में उत्पादन से अपना लाभांश का हिस्सा नहीं मिला है और यह बकाया राशि अब $500 मिलियन से अधिक होने का अनुमान है। अगर अमेरिका के नेतृत्व वाले पुनर्गठन से धन की निकासी की अनुमति मिलती है, तो ओएनजीसी इस राशि को वापस पा सकता है। साथ ही, ओरिनोको बेल्ट में कैराबोबो एसेट के विकास को भी फिर से शुरू कर सकता है। इसमें ओएनजीसी की 11% हिस्सेदारी है।
जेफरीज ने रिलायंस और ओएनजीसी के शेयरों पर अपनी Buy रेटिंग दोहराई है। रिलायंस के लिए टारगेट प्राइस 1,785 रुपये और ओएनजीसी के लिए 310 रुपये है। इसका मतलब है कि रिलायंस के लिए पिछले बंद भाव से 12% और ओएनजीसी के लिए 28% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। रिलायंस का शेयर आज बीएसई पर कारोबार के दौरान 1611.20 रुपये पर पहुंचा जो इसका 52 हफ्ते का हाई है। हालांकि ओएनजीसी के शेयरों में आज कारोबार के दौरान करीब 2 फीसदी गिरावट आई।
(डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, आज़ाद हिन्द के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।)












