2020 में हाशिम बाबा जेल चला गया। लेकिन उसका गैंग अभी भी कत्लेआम, एक्सटॉर्शन और अपने दबदबे के लिए फायरिंग कर रहा है। जब वो तिहाड़ में बंद था, तो लॉरेंस बिश्नोई से गठजोड़ बन गया। इससे वो और मजबूत हो गया और खुलेआम वारदातों को अंजाम देने लगा। जुलाई 2024 में जीटीबी अस्पताल में मरीज रियाजुद्दीन को गलत पहचान में मारा। सितंबर 2024 में जीके-1 का नादिर शाह मर्डर, 31 अक्टूबर 2024 को फर्श बाजार में आकाश शर्मा उर्फ छोटू-उसके नाबालिग भतीजे का कत्ल और 7 दिसंबर 2024 को बर्तन कारोबारी सुनील जैन की हत्या में भी बाबा के गुर्गों के ही नाम आए।
जब गलत पहचान में हुआ मर्डर
पुलिस का दावा है कि शास्त्री पार्क के जेबकतरे वसीम की हत्या की साजिश थी तो जीटीबी अस्पताल में रियाजुद्दीन मारा गया। नादिर का कत्ल सीधे साबरमती जेल में बंद लॉरेंस के इशारे पर हुआ था। हाशिम गैंग और विदेश में बैठे हरियाणा के गैंगस्टर रणदीप मलिक ने शूटर और लॉजिस्टिक प्रोवाइड किए थे। आकाश और उसके भतीजे की हत्या में विदेश भाग चुके राशिद केबलवाला का नाम आया। इस डबल मर्डर का बदला लेने के लिए ‘बुकी’ आकाश को दोस्त बताने वाले सचिन उर्फ गोलू ने गलत पहचान में बर्तन कारोबारी को मार दिया, जो बाबा का ही गुर्गा है और विदेश भाग गया है।
दिल्ली पुलिस की भी हुई किरकिरी
करीब पांच महीने के दौरान देश की राजधानी में हुए पांच सनसनीखेज कत्ल से दिल्ली पुलिस की काफी किरकिरी हुई। स्पेशल सेल ने हाशिम बाबा गिरोह पर शिकंजा कसा और मकोका लगा दिया। पत्नी जोया और करीबी अनवर चाचा के अलावा गैंग के कई शूटरों को जेल भेजा। इससे लगा कि बाबा गैंग कमजोर पड़ेगा और कुछ महीने शांति दिखी भी। अचानक फिर से हलचल बढ़ गई। विदेश भाग चुका गोलू एक्टिव हो गया, जिसने 2 नवंबर 2025 को फर्श बाजार एरिया के बुकी के घर के बाहर और 9 नवंबर को जीटीबी एनक्लेव एरिया के एक क्लब पर एक्सटॉर्शन की डिमांड करते हुए फायरिंग करवाई।
नाबालिग शूटर्स की रिक्रूटमेंट
पुलिस ने इस मामले में तीन नाबालिग समेत 9 से ज्यादा बदमाशों को पकड़ा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि विदेश में बैठे गोलू ने इन शूटरों को तैयार किया था, जिनको पैसे और हथियार उपलब्ध करवाए थे। वह हाशिम बाबा के नाम पर ही रंगदारी की डिमांड कर रहा था। इस केस में जाफराबाद के अल्मास उर्फ अल्लू गैंग के अनस का नाम सामने आया। पुलिस का दावा था कि वह बाल सुधार गृह के भीतर से कॉल कर शूटरों को हथियार सप्लाई करता था, जो वारदात के बाद उन्हें उसके ‘मेंबर’ को लौटा देते थे। गोलू के लिए जहीर उर्फ गुड्डू और अनस लॉजिस्टिक प्रोवाइडर के तौर पर काम कर रहे थे।
गोलू विदेश से कर रहा है ऑपरेट
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हाशिम बाबा गिरोह को विदेश से सचिन उर्फ गोलू ऑपरेट कर रहा है। वह हाशिम ही नहीं बल्कि उसकी पत्नी जोया का भी खास है। इधर जेल के भीतर से समीर बाबा और सुहेल चप्पल चला रहे हैं। अल्लू गैंग को चला रहे अनस के कई गुर्गे अभी बाहर हैं, जो वेलकम, कबीर नगर, जाफराबाद और सीलमपुर समेत आसपास के कई छोटे-बड़े बदमाशों को गिरोह से जोड़ रहे हैं।
असद बना मुख्य हथियार
इस बीच, हाशिम बाबा गैंग से जुड़े अनस के खास असद अमीन, दानिश मल्ली, महफूज उर्फ बॉबी उर्फ शूटर उर्फ कबूतर और साकिब ने हथियार तस्करी के झगड़े में 15 दिसंबर 2025 की रात नदीम उर्फ चाचा फाड़ू और उसके भाई फजील को मौत के घाट उतार दिया। असद और दानिश मल्ली पकड़े जा चुके हैं। पुलिस सूत्रों का दावा है कि असद ऐसा गुर्गा था, जिसके जरिए अब बालिग हो चुका अनस बाल सुधार गृह के भीतर से भी वारदात करवाता था। अब सवाल ये है कि वेस्ट विनोद नगर और पश्चिम विहार की फायरिंग वाले शूटर किसने रिक्रूट किए। हथियार-पैसे किसने मुहैया करवाए।
कुलबुला रहा राशिद केबलवाला
सूत्रों के मुताबिक, राशिद फिलहाल लॉरेंस और गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा दोनों गैंग के टच में है। फर्श बाजार में आकाश के मर्डर के बाद से गोलू और राशिद खिलाफ हो गए। राशिद ने बाबा को संदेश भेजा है कि गोलू या उसमें से एक को चुन ले। हालांकि राशिद के नाम से फेसबुक पर बुधवार को ही एक पेज बना लॉरेंस और बाबा गैंग की तरफ से दिल्ली-NCR में ड्रग्स बेचने वालों को जान से मारने धमकी दी गई है।














