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  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी ने क्यों नहीं किया हस्ताक्षर?

    नई दिल्लीः लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का स्पीकर को हटाने की मांग वाली याचिका पर हस्ताक्षर करना सही नहीं माना जाता


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    By Azad Hind Desk फरवरी 10, 2026
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    नई दिल्लीः लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का स्पीकर को हटाने की मांग वाली याचिका पर हस्ताक्षर करना सही नहीं माना जाता है।

    विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर क्यों आया?

    असल में, लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ”बोलने की इजाजत नहीं देने” और कांग्रेस की महिला सांसदों पर सदन में अनुचित स्थिति पैदा करने के आरोपों पर विपक्ष ने अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंप दिया।

    अविश्वास प्रस्ताव पर 100 से ज्यादा सांसदों के हस्ताक्षर

    निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सांसद मोहम्मद जावेद तथा अन्य ने लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस सौंपा। नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है।

    सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है

    बीते दो फरवरी को, राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की छूट दी गई है।

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