रिजिजू ने कहा, ‘BJP की लीडरशिप वाले NDA के 542 मेंबर वाले सदन में 293 मेंबर हैं और उसे कई ऐसे लोगों का सपोर्ट मिलने की संभावना है जो अभी तक इस मामले में सहमत नहीं हैं, इसलिए बिरला के कथित पक्षपात के लिए उन्हें हटाने की विपक्ष की कोशिश नाकाम होती दिख रही है।’ रिजिजू ने Azad Hind को बताया, ‘9 मार्च को लोकसभा में हम स्पीकर के खिलाफ लाए गए नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर बहस करेंगे। बहस के बाद वोटिंग होगी।’
मामले को तुरंत निपटाना चाहती है सरकार
ऑफिशियल सोर्स ने कहा कि गवर्निंग NDA इस मुद्दे से तुरंत निपटना चाहता है ताकि बिरला इस अहम सेशन में कार्यवाही की अध्यक्षता करने के लिए वापस आ सकें। 17 फरवरी को बांग्लादेश के PM के तौर पर BNP लीडर तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में बिरला को भेजने के सरकार के फैसले को स्पीकर के लिए सरकार के मजबूत समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस आजमा रही है ये पैंतरा
वोटिंग से पहले कांग्रेस, TMC और AAP को बिरला के खिलाफ वोटिंग के लिए राजी करने की कोशिश करेगी। दरअसल कांग्रेस ने बदले में चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव का लालच दिया था। TMC, पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंस रिवीजन (SIR) को लेकर CEC के खिलाफ लड़ाई में लगी हुई है।













