RBI MPC Meeting: लोन लेना सस्ता हुआ या महंगा? रिजर्व बैंक ने बता दिया रेपो रेट, जानें क्या कहा गवर्नर ने
ग्राहकों की सुविधा के लिए 3 नियम
1. गलत प्रोडक्ट नहीं बेच सकेंगे
- बैंक या वित्तीय संस्थान ग्राहकों को उनकी जरूरत या जोखिम क्षमता के हिसाब से गलत प्रोडक्ट नहीं बेच करेंगे।
- अगर वे ग्राहक को गलत प्रोडक्ट बेचेंगे तो उन पर कार्रवाई होगी।
2. लोन रिकवरी एजेंट परेशान नहीं करेंगे
- रिजर्व बैंक का दूसरा दिशानिर्देश लोन की वसूली और वसूली एजेंटों के व्यवहार को लेकर होगा।
- इससे यह सुनिश्चित होगा कि लोन वसूलने के नाम पर ग्राहकों को परेशान न किया जाए।
3. फ्रॉड होने पर सीमित जिम्मेदारी
- तीसरा दिशानिर्देश अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की देनदारी को सीमित करने पर होगा।
- अगर आपके खाते से बिना आपकी जानकारी के पैसे निकल जाते हैं, तो आपकी जिम्मेदारी एक निश्चित सीमा तक ही होगी।
- इसके तहत ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की राशि का मुआवजा मिल सकता है।
डिजिटल बैंकिंग में सेफ्टी पर जोर
रिजर्व बैंक ने डिजिटल बैंकिंग में सेफ्टी पर जोर दिया। रिजर्व बैंक डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर एक चर्चा पत्र भी प्रकाशित करेगा। इस पर विचार किए जा रहे संभावित कदमों में कुछ खास तरह के उपयोगकर्ताओं, जैसे कि वरिष्ठ नागरिकों, जो डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं, के लिए विलंबित क्रेडिट और अतिरिक्त प्रमाणीकरण की आवश्यकताएं शामिल हैं।
क्यों उठाए RBI ने ये कदम?
यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि आजकल लोग ऑनलाइन बैंकिंग और पेमेंट का बहुत इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। RBI चाहता है कि आम आदमी को इन धोखाधड़ी से बचाया जा सके। अगर किसी के साथ छोटा-मोटा फ्रॉड होता है, तो उसे नुकसान की भरपाई मिल सके। इसके अलावा, कई बार बैंक अपने ग्राहकों को ऐसे वित्तीय उत्पाद बेच देते हैं जो उनकी जरूरत के नहीं होते या जिनमें बहुत ज्यादा जोखिम होता है। RBI अब इस पर भी लगाम लगाएगा। वहीं लोन की वसूली का तरीका भी कई बार बहुत सख्त होता है, जिससे ग्राहक परेशान हो जाते हैं। रिजर्व बैंक इस पर भी ध्यान दे रहा है और वसूली के नियमों को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है।













