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  • विराट कोहली के बचपन की फोटो नहीं पहचान सका Grok AI और हम तकनीक को ‘गुरु’ मान बैठे हैं

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट कितने गलत रिजल्‍ट दे सकते हैं, ये Elon Musk के Grok एआई को दी गई एक फोटो से पता चला है। सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक यूजर ने दावा किया है कि ग्रोक एआई, मशहूर क्र‍िकेटर विराट कोहली को नहीं पहचान सका। यूजर ने विराट कोहली के बचपन की फोटो


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    By Azad Hind Desk जनवरी 23, 2026
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    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट कितने गलत रिजल्‍ट दे सकते हैं, ये Elon Musk के Grok एआई को दी गई एक फोटो से पता चला है। सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक यूजर ने दावा किया है कि ग्रोक एआई, मशहूर क्र‍िकेटर विराट कोहली को नहीं पहचान सका। यूजर ने विराट कोहली के बचपन की फोटो ग्रोक एआई के साथ शेयर की। उसने एआई को कोहली का नाम नहीं बताया। सिर्फ इतना पूछा कि यह बच्‍चा 37 साल की उम्र में कैसा दिखेगा। इसके बाद जो हुआ, उसने चौंका दिया।

    सही काम नहीं कर पाया ग्रोक एआई

    ग्रोक एआई ने विराट के बचपन की फोटो को 37 साल के व्‍यक्‍त‍ि की फोटो में बदला तो जरूर, लेकिन वह अपना काम सटीकता से नहीं कर सका। उसे विराट कोहली दिखाने के बजाए कुछ और ही बना दिया। जो फोटो ग्रोक एआई ने बनाई, वह कहीं से भी विराट कोहली से नहीं मिल रही थी। ग्रोक ने उस फोटो को किसी विदेशी व्‍यक्‍त‍ि जैसी प्रोफाइल में बदल दिया था।

    बचपन की फोटो में पहचाने जा रहे विराट

    खास बात है कि यूजर ने विराट की बचपन की जो फोटो एआई के साथ शेयर की थी, उसमें झलक दिख रही है कि वि‍राट बड़े होकर कैसे लगेंगे। लेकिन ग्रोक एआई ने जो फोटो बनाई, वो दूर-दूर तक भी विराट के साथ नहीं मिल रही। इससे पता चलता है कि ग्रोक एआई आज भी पूरी तरह से सटीकता हासिल नहीं कर पाया है। यह इस बात का भी सबूत है कि एआई चैटबॉट द्वारा दी गई जानकारी पर कभी भी पूरी तरह से भरोसा ना करें। वह पूरी तरह सही नहीं होता है।

    लोग तो भविष्‍य पूछने लगे

    मौजूदा वक्‍त में लोग एआई पर इतना अधि‍क भरोसा कर रहे हैं कि अब तो उससे भविष्‍य भी पूछने लगे हैं। हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आईं, जिनमें लोग अपने हाथ की फोटो, एआई चैटबॉट से शेयर कर रहे थे और उससे अपना भविष्‍य जान रहे थे। बहुत से लोग एआई के साथ बात करते समय पर्सनल हो जाते हैं और कई बार ऐसी इन्‍फर्मेशन शेयर कर देते हैं, जो एआई को नहीं बतानी चाहिए। हाल ही में ओपनएआई के चैटबॉट चैटजीपीटी पर मुकदमा दायर हुआ है, जिसने एक व्‍यक्‍ति‍ को आत्‍महत्‍या के लिए उकसाया। ऐसे तमाम उदाहरण हैं जहां लोग एआई पर हद से ज्‍यादा यकीन कर रहे हैं, लेकिन सच्‍चाई यह है कि एआई किसी के बचपन की तस्‍वीर देखकर उसे वर्तमान में सही-सही बनाने में संघर्ष कर रहा है।

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