भारत की प्रमुख विदेश तेल और गैस अन्वेषण एवं उत्पादन कंपनी ओएनजीसी विदेश का वेनेज़ुएला की तेल उत्पादन की इकाईओं में बड़ा निवेश है जो की वर्ष 2020 में अमेरिका के वेनेज़ुएला पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों के बाद से अटका हुआ है। अत: भारत के कच्चे तेल की आयत सबंधी आर्थिक हित वेनेज़ुएला से सीधे जुड़े हुए हैं।
शनि की साढ़े-सती ने किया था वेनेज़ुएला को आर्थिक रूप से बर्बाद
वेनेज़ुएला की स्थापना कुंडली 5 जुलाई 1811 , दोपहर 3 बजे , राजधानी कराकास की है जब इस देश को स्पेन के शासन से आज़ादी मिली थी। वृश्चिक लग्न की वेनेज़ुएला की स्थापना कुंडली में लग्न में बैठें मंगल का सप्तम भाव में बैठे गुरु से ‘उन्माद योग’ बन रहा है। इस योग के प्रभाव से वेनेज़ुएला के शासकों की बुरी आर्थिक नीतियों के चलते एक समय धनी रहा यह देश अब गरीबी और अस्थिरता के दुष्चक्र में फंसा हुआ है।
20वीं सदी में तेल के अकूत भंडार मिलने से 1950 के दशक में वेनेज़ुएला एक अमीर देश बन गया था। 1970 के दशक में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से वेनेज़ुएला को और अधिक आर्थिक लाभ हुआ किन्तु इस देश के शासकों ने कच्चे तेल के निर्यात से कमाए धन को उद्योगीकरण और कृषि के विकास में इस्तेमाल न कर बड़ी भूल की , और बाद में तेल की कीमतें गिरने के साथ ही यहां की अर्थव्यवस्था का पतन हो गया।
वर्ष 2015 में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर से गिरी उस समय कच्चे तेल के कारक ग्रह शनि जल तत्व की राशि वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे थे जो की वेनेज़ुएला की स्थापना कुंडली में धनु राशि के चन्द्रमा से बारहवें घर में हो कर साढ़े-सती का प्रभाव लिए हुए थे। उस समय धन स्थान में बैठे शनि की कठिन दशा में वेनेज़ुएला की अर्थव्यस्था चरमरा गयी और साढ़े-सती के चलते अगले कई वर्षों तक देश में आर्थिक अराजकता बनी रही।
जून 2026 के बाद बदलेंगे वेनेज़ुएला के हालात , और भारत को होगा यह लाभ
वृश्चिक लग्न की वेनेज़ुएला की स्थापना कुंडली में अष्टम भाव में अपनी राशि में बैठे बुध की महा दशा जुलाई 2025 से चल रही है। अष्टम और लाभ के एकादश भाव के अधिपति बुध के साथ चतुर्थ (राज सिंहासन) भाव के स्वामी सूर्य भी स्थित हैं जिनपर शत्रु ग्रह शनि के साथ-साथ मित्र ग्रह नवमेश चन्द्रमा की धन भाव से दृष्टि है। इस योग के प्रभाव से बुध की इस महादशा में वेनेज़ुएला में सत्ता परिवर्तन का प्रबल योग है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद अब अमेरिका अगले कुछ महीनों में वेनेज़ुएला में विपक्षी पार्टी के नेताओं की सरकार को सत्ता में ला सकता है। कच्चे तेल और गैस के कारक ग्रह शनि वेनेज़ुएला की स्थापना कुंडली में धन स्थान में हो कर नवमेश (भाग्य स्थानपति) चन्द्रमा के साथ में भूमिगत संसाधनों के अष्टम भाव को अपनी सातवीं दृष्टि से देख रहे हैं।
वेनेज़ुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के भंडार हैं, किन्तु विगत कुछ दशकों से विषम आर्थिक परिस्थितियों और राजनीतिक अस्थिरता के चलते यह देश कच्चे तेल के उत्पादन में बेहद पिछड़ गया है। किन्तु अब धन योग में बैठे स्वराशि के बुध की महादशा और जून से भाग्य स्थान में कर्क राशि (उच्च) में गुरु का गोचर धीरे-धीरे वेनेज़ुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने के साथ इस देश की आर्थिक स्थिति ठीक करेगा। जून 2026 से जून 2027 के बीच गुरु जल राशि कर्क में गोचर करते हुए जल राशि मीन में शनि को नवम दृष्टि से देखकर वेनेज़ुएला सहित दुनिया के कई देशों में कच्चे तेल (पेट्रोलियम) का उत्पादन बढ़ा कर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी ला देंगे जिससे भारत जैसे पेट्रोलियम के आयातक देशों को बड़ा लाभ होगा। जल राशियों में शनि का गोचर और उसपर गुरु की दृष्टि कच्चे तेल के दामों का उत्पादन बढ़ा कर उसमें कमी ले आती है ऐसा मेदिनी ज्योतिष का नियम है।













