मैरीनेरा के चालक दल में किस देश के नागरिक
रूस टुडे के अनुसार, जिस समय बेला 1 या मैरीनेरा टैंकर को जब्त किया गया, उस समय इसमें 28 चालक दल के सदस्य सवार थे। अमेरिका ने बताया है कि इस टैंकर के चालक दल में 20 यूक्रेनी, छह जॉर्जियाई, दो रूसी और तीन भारतीय शामिल हैं। इस टैंकर का कप्तान भी जॉर्जियाई नागरिक है। टैंकर जब्त होने के बाद सभी को हिरासत में ले लिया गया है। अमेरिकी जांचकर्ता इस टैंकर के स्वामित्व, चार्टरिंग व्यवस्था, समुद्री और प्रतिबंध नियमों के अनुपालन की जांच कर रहे हैं।
अमेरिका ने प्रतिबंधित तेल ट्रांसपोर्ट करने का लगाया आरोप
अमेरिका का आरोप है कि यह टैंकर वेनेजुएला से तेल ले जा रहा था। उसने टैंकर पर पर मौजूदा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने की कोशिशों का हिस्सा होने का आरोप लगाया। यह टैंकर को एक निजी व्यापारी ने किराए पर लिया था। वाशिंगटन के अनुसार, यह “अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए” वेनेजुएला से जुड़े तेल को ले जाने में शामिल था। रिपोर्ट के अनुसार, इसे रोके जाने से पहले, टैंकर कथित तौर पर बेला 1 नाम से संचालित हो रहा था, और पिछले महीने वेनेजुएला की अमेरिकी नाकाबंदी से बचने के बाद इसका नाम बदलकर मरीनरा कर दिया गया था।
मैरीनेरा के चालक दल पर केस चलाएगा अमेरिका
मैरीनेरा का पूरा चालक दल अमेरिका की हिरासत में है। अमेरिका ने कहा है कि वह रूस के जब्त जहाज मैरीनेरा पर सवार क्रू के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करेगा। अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने एक्स सोशल नेटवर्क पर लिखा कि यूएस अधिकारी जब्त किए गए मैरिनेरा टैंकर, जिसे बेला-1 के नाम से भी जाना जाता है, के क्रू मेंबर्स के खिलाफ क्रिमिनल मामला दर्ज करेंगे। उनके शब्दों में, जहाज कर्मियों ने टैंकर को “बचाने की बहुत कोशिश की”, जो कथित तौर पर “वेनेजुएला और ईरान से बैन तेल को ट्रांसपोर्ट करने कर रहा था।”
रूस ने क्या कहा
रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि वो अमेरिकी कर्मियों के जहाज पर सवार होने की खबरों पर करीबी नजर रखे हुए है। मंत्रालय ने कहा, रूस ने अमेरिका से मांग की है कि वह टैंकर पर सवार रूसी नागरिकों के साथ मानवीय व्यवहार कर और उनके अधिकारों का पूरा सम्मान सुनिश्चित करे और उन्हें जल्द से जल्द वापस घर भेजे। रूस के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने कहा कि 1982 के यूएन कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी के नियमों के मुताबिक किसी भी देश को दूसरे देशों के अधिकार क्षेत्र में पंजीकृत जहाजों के खिलाफ ताकत इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है।














