वेनेजुएला हाल के वर्षों में लैटिन अमेरिका में चीन का एक बहुत करीबी रणनीतिक साथी बन गया था। अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग के अनुसार, दोनों देशों के बीच ऊर्जा, वित्त, सैन्य सहयोग और अंतरिक्ष के क्षेत्र में गहरे संबंध विकसित हो गए थे। आयोग के मुताबिक 1990 के दशक के अंत से ही चीन और वेनेजुएला के रिश्ते लगातार मजबूत हुए।। 2023 में तो इसे ऑल वेदर स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया। अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद दोनों देशों के बीच लंबे समय से गहरे संबंध थे।
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कितना है कर्ज?
सवाल यह उठता है कि वेनेजुएला पर चीन का कितना कर्ज है और वेनेजुएला के डिफॉल्ट के बाद भी चीन को यह कर्ज कैसे मिल रहा था? वेनेजुएला के कर्ज का सटीक आंकड़ा मिलना मुश्किल है, खासकर 2017 के बाद से जब अमेरिका के प्रतिबंधों के कारण देश ने अपना कर्ज चुकाना बंद कर दिया था। ‘AidData’ नाम की एक संस्था अमेरिका की विलियम एंड मैरी यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च लैब है। यह कर्ज पर नजर रखती है। इसका अनुमान है कि 2000 से 2018 के बीच चीन के सरकारी बैंकों ने वेनेजुएला को 106 अरब डॉलर के कर्ज की मंजूरी दी थी। साल 2017 में चीन का वेनेजुएला पर 44 अरब डॉलर का कर्ज बकाया था।
फिलहाल इस बारे में अलग-अलग अनुमान हैं। कुछ संस्थाओं का कहना है कि वेनेजुएला पर चीन का बकाया कर्ज लगभग 10 अरब डॉलर है। ‘AidData’ भी इस आंकड़ों से सहमत है। वहीं, जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि कुल देनदारी 13 से 15 अरब डॉलर के बीच है। यह साफ नहीं है कि 2017 के डिफॉल्ट के बाद वेनेजुएला ने कर्ज की मूल राशि में से कुछ चुकाया है या सिर्फ ब्याज का भुगतान कर रहा था।
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कैसे होता था खेल?
वेनेजुएला का सरकारी तेल कंपनी PDVSA के सूत्रों का कहना है कि चीन ने 2019 में वेनेजुएला को मूलधन के भुगतान के लिए कुछ मोहलत दी थी। इसके बदले में, वेनेजुएला कच्चे तेल के जहाजों से कर्ज चुका रहा था। PDVSA के अंदरूनी दस्तावेजों के अनुसार चीन को रोजाना 642,000 बैरल कच्चा तेल और ईंधन तेल भेजा जा रहा था। इसमें से एक छोटा हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल हो रहा था।
वेनेजुएला दशकों से अपने कर्ज का कोई भी भरोसेमंद और पूरा आंकड़ा जारी नहीं करता है। आखिरी बार उसके केंद्रीय बैंक ने 2019 में कुछ आंकड़े जारी किए थे। इसके बाद से यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि कितना कर्ज बकाया है और क्या देश ने और कर्ज लिया है। अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद, वेनेजुएला के मुख्य सहयोगी रूस और चीन ही थे। ‘AidData’ के मुताबिक वेनेजुएला का चीन पर ज्यादातर सरकारी कर्ज था। चीन भेजे गए कुछ तेल की बिक्री से मिलने वाला पैसा एक ऐसे खाते में जाता था जिसे बीजिंग नियंत्रित करता था। इसी खाते से कर्ज चुकाया जाता था।













