आशा मोटवानी ने एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में लिखा, ‘वेनेजुएला के रूसी मिलिट्री इक्विपमेंट अमेरिकी मिलिट्री के सामने कुछ सेकंड में टूट गए। उम्मीद है भारत देख रहा होगा। हमारे लिए यह जानना समझदारी होगी कि हमारी रोटी का कौन सा हिस्सा मक्खन लगा हुआ है, कौन हमारे ताकतवर दोस्त हैं और कौन नहीं।’ अपनी पोस्ट में आशा ने भारतीय अमेरिकियों और भारतीय रूसियों की संख्या के अंतर को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हुए एक गलत आंकड़ा दिया- ‘भारतीय अमेरिकी: 5,000,000। भारतीय रूसी: 5।’
ट्रंप की समर्थक हैं आशा
भारतीय मूल की वेंचर कैपिटलिस्ट आशा जडेजा हालिया समय में अमेरिका में चर्चा में आती रही हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि उनकी वजह से डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B पर अपना रुख बदला था। सिलिकॉन वैली की वेंचर कैपिटलिस्ट आशा डानाल्ड ट्रंप को सबसे ज्यादा दान देने वाले लोगों में शुमार हैं।
आशा जडेजा मोटवानी ने 200 से ज्यादा टेक स्टार्टअप्स में निवेश किया है। उनके प्रमुख निवेशों में गूगल, पिंटरेस्ट, यूलू, क्रेडलवाइज, एडहैक टेक्नोलॉजीज, क्लिमैक्टिक और नेशनल एसोसिएशन ऑफ पेडियाट्रिक नर्स प्रैक्टीशनर्स शामिल हैं। आशा के पति राजीव मोटवानी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर विज्ञान के प्रोफेसर रहे हैं। 2001 में उन्हें गोडेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
वेनेजुएला में क्या हुआ है
वेनेजुएला की राजधानी काराकास में शनिवार तड़के अमेरिका ने हमला किया है। काराकास में धमाके करते हुए अमेरिकी सेना ने वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया है। दोनों को अमोरिका लाया गया है, जहां उन पर मुकदमा चलाने की बात डोनाल्ड ट्रंप ने कही है। वेनेजुएला में हमले और वहां के राष्ट्रपति को परिवार समेत बंधक बनाकर ले जाने पर अमेरिका की संयुक्त राष्ट्र, रूस, चीन और दुनिया के बड़े हिस्से ने निंदा की है।













