चीन के सैटेलाइट ट्रैकिंग स्टेशन को खतरा
चीन ने वेनेजुएला के कैप्टन मैनुअल रियोस एयरबेस पर एल सोम्ब्रेरो ट्रैकिंग स्टेशन, साथ ही बोलिवर राज्य में ल्यूपा में इसका बैकअप स्थापित किया है। यह वेनेजुएला के एकमात्र सक्रिय रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट को सपोर्ट करता है और यह चीन के लिए सुलभ कुछ विदेशी ग्राउंड सुविधाओं में से एक है। सरकारी स्वामित्व वाली चाइना ग्रेट वॉल इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन द्वारा बनाए गए ये स्टेशन VRSS-2 के लिए टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड ऑपरेशन संभालते हैं, जो एक नागरिक पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट है जिसे चीन ने 2017 में वेनेजुएला के लिए विकसित और लॉन्च किया था।
वेनेजुएला में चीनी पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी पर भी संकट
चीन वेनेजुएला का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक और उसके तेल के शीर्ष खरीदारों में से एक भी है, जिसकी पेट्रोलियम क्षेत्र में गहरी पैठ है जो अब खतरे में पड़ सकती है। 2014 के चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के एक पैम्फलेट के अनुसार, चीनी इंजीनियरों ने आधुनिक ड्रिलिंग रिग्स, वॉटरफ्लडिंग सिस्टम और रिफाइनरी अपग्रेड के साथ वेनेजुएला के पुराने तेल क्षेत्रों को ओवरहाल करने में मदद की, जिससे कुछ क्षेत्रों में उत्पादन आठ गुना तक बढ़ गया।
चीनी टेलीकम्युनिकेशन की भी होगी छुट्टी
वेनेजुएला में चीन ने टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क भी स्थापित किया है। हुआवेई और जेडटीई जैसी कंपनियां जिन्होंने देश के मुख्य डिजिटल सिस्टम बनाने में मदद की है। इनमें 4G कवरेज और मोबाइल फोन असेंबली से लेकर साइबर सुरक्षा उपकरणों तक की मैन्यूफैक्चरिंग शामिल है। चीन को डर है कि अब संभावित रूप से अमेरिकी समर्थक सरकार के तहत उनकी कंपनियों को अनुबंध रद्द होने, प्रतिबंधों या पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है। हुआवेई ने 1999 में वेनेजुएला में परिचालन शुरू किया था। वह दो दशकों से अधिक समय से वेनेजुएला के सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर CANTV के साथ मिलकर काम कर रहा है।














