ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने रविवार को वेनेजुएला में तेजी से बदलती स्थिति पर चिंता जताते हुए तनाव कम करने की अपील की है। यह पाकिस्तान-चीन के बीच रणनीतिक बातचीत के सातवें दौर के समय हुआ है। इस बातचीत में क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के अलावा वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले की भी चर्चा हुई। हालांकि इस मुद्दे पर चीन और पाकिस्तान के रुख में फर्क दिखा है।
पाकिस्तान नरम, चीन सख्त
वेनेजुएला में अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने पर चीन ने कड़ा रुख अपनाया है। चीन ने इसे पूरी तरह से नाजायज बताते हुए मादुरो को तुरंत रिहा करने की मांग की है। दूसरी ओर पाकिस्तान ने बहुत सावधानी से बयान दिया है। इसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन करने की बात कही गई है।
पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि वह वेनेजुएला के लोगों की भलाई को महत्व देता है और बदलती स्थिति को चिंता के साथ देखता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है। पाकिस्तान वेनेजुएला में तनाव के बजाय बातचीत से चीजों को अंतरराष्ट्रीय कानून से सुलझाने के पक्ष में है।
चीन की कड़ी चेतावनी
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका के हमले को एकतरफा कहते हुए कड़ी आलोचना की है। वांग ने रणनीतिक बातचीत में बोलते हुए कहा कि चीन हमेशा बल प्रयोग या एक देश की इच्छा को दूसरे पर थोपने का विरोध करता है। हम नहीं मानते कि कोई भी देश दुनिया के दारोगा की भूमिका निभा सकता है या खुद के अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधीश होने का दावा कर सकता है।
वांग ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी कार्रवाई से अंतर्राष्ट्रीय माहौल तेजी से अस्थिर और जटिल हो गया है। दूसरी ओर पाकिस्तान ने पाकिस्तान- ने चीन को शानदार दोस्त बताया है लेकिन अमेरिका की आलोचना में बचकर निकलने की कोशिश है। ऐसे में कहा जा सकता है कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक पर वेनेजुएला की छाया देखी जा सकती है।













