क्या कहता है नवंबर 2025 का डेटा
ट्राई ने 31 दिसंबर को अपना नया डेटा रिलीज किया। यह नवंबर 2025 तक देश में वायरलैस मोबाइल सब्सक्राइबर्स की स्थिति को दर्शाता है। इसके अनुसार, एयरटेल ने नवंबर महीने में 12 लाख 15 हजार 405 ग्राहकों को अपने साथ जोड़ा और उसका कुल वायरलैस सब्सक्राइबर बेस 39 करोड़ 48 लाख 80 हजार 318 ग्राहकों तक पहुंच गया। रिलायंस जियो ने नवंबर महीने में 13 लाख 88 हजार 929 नए ग्राहक जोड़े और उसका कुल वायरलैस मोबाइल सब्सक्राइबर बेस 48 करोड़ 60 लाख 89 हजार 648 ग्राहकों तक पहुंच गया। सरकारी कंपनी बीएसएनएल से भी ग्राहकों का जुड़ना जारी है। बीएसएनएल ने नवंबर में 4 लाख 21 हजार 514 ग्राहकों को जोड़ा और उसके कुल वायरलैस सब्सक्राइबर्स की संख्या 9 करोड़ 29 लाख 63 हजार 513 ग्राहकों तक पहुंच गई। लेकिन वोडा-आइडिया की स्थिति खराब है। नवंबर में 10 लाख 11 हजार 134 लोगों ने वोडा-आइडिया की मोबाइल सेवाओं को छोड़ दिया और उसके पास अब 19 करोड़ 97 लाख 12 हजार 37 ग्राहक रह गए हैं।
Vi के अलावा इस कंपनी को भी नुकसान
वोडा-आइडिया के अलावा एक और कंपनी है जिसे ग्राहकों का नुकसान उठाना पड़ा है। MTNL जिसके पास 2 लाख 35 हजार 882 मोबाइल वायरलैस सब्सक्राइबर हैं, उसके 7530 ग्राहकों ने सर्विस छोड़ दी है।
Jio, Airtel, BSNL को फायदा तो Vi नुकसान में क्यों?
सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब Jio, Airtel और यहां तक कि BSNL के साथ नए ग्राहक जुड़ रहे हैं तो लोग वोडा-आइडिया की सर्विस क्याें छोड़ रहे हैं। पिछले साल कंपनी ने देश के तमाम शहरों में अपनी 5जी मोबाइल सेवाओं को लॉन्च किया। इसके बावजूद वीआई का सब्सक्राइबर बेस बढ़ नहीं रहा है।
BSNL को 4G सेवाओं का फायदा
सरकारी कंपनी बीएसएनएल को उसकी 4जी सेवाएं शुरू होने का फायदा साफ दिखाई दे रहा है। प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों के मुकाबले सस्ते रिचार्ज और बेहतर होती सर्विस नए ग्राहकों को बीएसएनएल की तरफ खींच रही है। कंपनी ने सुनिश्चित किया है कि वह जल्द देश में अपनी 5जी मोबाइल सेवाओं को भी शुरू करेगी।
जियो बनी हुई देश की नंबर-1 टेलिकॉम कंपनी
मोबाइल सब्सक्राइबर्स के मामले में जियो देश की नंबर-1 कंपनी बनी हुई है और उसके ग्राहकों का बेस 50 करोड़ के आसपास है। दूसरे नंबर पर मौजूद एयरटेल की सर्विस से भी लोग जुड़ रहे हैं और वह दूसरे नंबर पर है। देश के कुल मोबाइल वायरलैस सब्सक्राइबर्स की बात करें तो इसमें 20 लाख 7 हजार 186 ग्राहकों की बढ़ोतरी हुई है। देश में 117 करोड़ से ज्यादा ग्राहक मोबाइल वायरलैस सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।













