इरफान पठान का बड़ा बयान
इरफान पठान ने कहा, ‘जब मैं 19 साल की उम्र में भारतीय टीम में आया था तो महान राहुल द्रविड़ ने मुझसे कहा था कि तुम टीम में आ गए हो यह अच्छी बात है लेकिन यहां से चीजें और मुश्किल होंगी। मैंने पूछा कि अगर चीजें मुश्किल हुईं तो क्या करूं। उन्होंने कहा कि तुम इसके आदी हो जाओगे।’ पठान का मानना है कि गिल के साथ भी यही प्रक्रिया चल रही है, खासकर जब उन्हें कम उम्र में ही कप्तानी की जिम्मेदारी मिली है।
पठान ने आगे कहा, ‘गिल के साथ भी यही कहा जा सकता है। वह कप्तान बने, उस इंग्लैंड सीरीज में उन्होंने अपना औसत और टीम में अपना दबदबा बढ़ाया। फिर उन्हें वनडे की कप्तानी मिली जब ऐसा होता है तो आपको बहुत कुछ सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिलता है।’ गिल का 2025 वनडे में शानदार रहा, उन्होंने द्विपक्षीय सीरीज में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और भारत की ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने टूर्नामेंट में 188 रन बनाए, जिसमें बांग्लादेश के खिलाफ एक शतक भी शामिल था।
इंग्लैंड में जमकर बनाए रन
हालांकि, गिल के साल का सबसे खास पल इंग्लैंड के खिलाफ उनकी पहली पूरी टेस्ट सीरीज रही। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन की अनुपस्थिति में, कप्तानी का सारा बोझ युवा टेस्ट कप्तान पर आ गया था। गिल ने इस चुनौती का सामना करते हुए एक ऐतिहासिक सीरीज खेली। उन्होंने पांच टेस्ट मैचों में 75.40 की औसत से 754 रन बनाए जिसमें चार शतक और उनका करियर का सर्वश्रेष्ठ 269 रन शामिल था।
विराट से होती है तुलना
इरफान पठान ने महान भारतीय बल्लेबाजों के बीच होने वाली तुलनाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा, “उनमें बहुत प्रतिभा है। तुलनाएं हमेशा होंगी। विराट की तुलना सचिन (तेंदुलकर) से हुई थी, और अब गिल की तुलना विराट से हो रही है जिन्होंने 25,000-30,000 रन बनाए हैं। मुझे लगता है कि वह इसके पूरी तरह काबिल हैं। उनके पास शॉट्स की अच्छी रेंज है।’
गिल के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में कुछ खास नहीं रहा। 2025 में उन्होंने 15 पारियों में सिर्फ 291 रन बनाए, जिनका औसत 24 से थोड़ा अधिक था। इस वजह से वह भारत की टी20 विश्व कप टीम में जगह नहीं बना पाए। पठान इस दौर को उनके सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं।














