वरिंदर चावला ने सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में संजय दत्त से जुड़ा एक वाकया सुनाया। वह बोले, ‘कई बार बाबा हमें शूटिंग के दौरान बुलाते और पूछते, ‘ओए, इधर आ… क्या तुम लोग पीते हो? अगर हम काम की वजह से मना कर देते, तो वो जिद करते और कहते, ‘मुझे लगता है तुम लोग पीते हो।’ बाकी लोग भी उनकी बात का सपोर्ट करते थे। फिर वो हमें भी जबरदस्ती अपने साथ पीने के लिए मजबूर कर देते।’
‘हमारे पास कोई चारा नहीं था…’
वरिंदर चावला ने आगे कहा, ‘हमारे पास कोई चारा नहीं था। वो इतने बड़े सेलिब्रिटी हैं कि जो लोग शराब नहीं पीते, वो भी उनके साथ बैठकर पीने लगते थे। हम उनके घर के बाहर बैठकर उनके साथ पीते थे।’
जब संजय दत्त बने वरिंदर के लिए ‘मसीहा’
वरिंदर चावला ने फिर संजय दत्त को मसीहा कहा और बताया कि एक्टर ने कैसे उनकी मदद की थी। वरिंदर ने बताया, ‘अपने करियर के एक दौर में, मैंने एक सेकंड हैंड मारुति जेन खरीदी थी। एक बार जब संजय दत्त ‘फिल्मिस्तान’ की शूटिंग कर रहे थे, मैंने उनकी तस्वीरें खींची और जब मैं जाने ही वाला था, तभी गाड़ी रिवर्स करते समय गलती से उनकी वैनिटी वैन से टकरा गया। उनके लोगों ने तुरंत मुझे घेर लिया और मुझसे पैसे मांगने लगे।’
संजय दत्त ने ऐसे बचाया था
उन्होंने आगे बताया, ‘मेरी कार की कीमत उनके बताए नुकसान के मुकाबले कुछ भी नहीं थी। मुझे लगा कि अब मेरी पिटाई होने वाली है, तभी संजय दत्त नीचे आए और पूछा कि क्या हुआ? मैंने उन्हें बताया कि मैं उनकी वैन से टकरा गया था। उन्होंने अपने लोगों की तरफ मुड़कर कहा-इसे जाने दो। उस पल मुझे लगा जैसे वो मेरे मसीहा हों। वो हमेशा से ही बहुत शांत स्वभाव के इंसान रहे हैं।’














