कंपनी ने कहा कि उसके ताजा अभियान में कुल 7.8 मिलियन औंस सोने के संसाधन मिले हैं। कंपनी ने लिखा, ‘आज हमने अपने अपने चार स्ट्रेटेजिक एसेट्स में KSA के रिपोर्ट किए गए सोने के रिसोर्स में 70 लाख औंस से ज्यादा का योगदान दिया है।’ अरेबियन बिजनेस की रिपोर्ट के अनुसार, चार जगहों पर ड्रिलिंग के जरिए इस भंडार के बारे में जानकारी मिली है। सबसे बड़ा भंडार वादी अल जव में मिला है, जहां अनुमानित 38 लाख औंस सोना मिला है।
किस जगह मिला कितना सोना?
- वादी अल जव- 38 लाख औंस
- मंसूराह- 30 लाख औंस
- उरुक और उम अस्सलाम- 16.7 लाख औंस
क्या है औंस?
औंस सोने जैसी कीमती धातुओं को मापने के लिए एक मानक इकाई है। एक औंस में 31.10 ग्राम के बराबर होता है। हालांकि, भारत में सोने का व्यापार आमतौर पर ग्राम में किया जाता है। सरकारी कंपनी मादेने बताया कि अरेबियन गोल्ड एरिया में एडवांस्ड ड्रिलिंग की गई जिसमें नए जोन की पहचान हुई। इसके साथ ही देश की ऐतिहासिक सोने की खदान महद के पास ड्रिलिंग से संभावित रिसोर्स का दायरा बढ़ा है। मादेन के सीईओ बॉब विल ने कहा कि नतीजे दिखाते हैं कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीतिक ठोस नतीजे दे रही है।
MBS का विजन 2030?
सऊदी अरब क्षेत्रीय खनन में भारी निवेश कर रहा है। यह सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 प्लान का हिस्सा है। इसका लक्ष्य तेल आधारिक अर्थव्यवस्था में विविधीकरण लाना है। विजन 2030 खनिज उत्खनन को अर्थव्यवस्था में लचीलेपन के लिए मूलभूत स्तंभ के रूप में स्थापित करता है, जिसका लक्ष्य सालाना जीडीपी में 120 अरब सऊदी रियाल का योगदान देना है। यह उस देश के पारंपरिक राजस्व मॉडल में बड़ा बदलाव है, जहां तेल राजस्व का सरकारी आमदनी में हिस्सा 90 फीसदी है।














