• International
  • सऊदी अरब की मध्यस्थता आई काम, तालिबान ने रमजान से पहले 3 पाकिस्तानी सैनिकों को रिहा किया

    काबुल: अफगानिस्तान में तालिबान के नेतृत्व वाली इस्लामिक अमीरात सरकार ने मंगलवार को 3 पाकिस्तानी सैनिकों को रिहा कर दिया। इन सैनिकों को अक्तूबर में सीमा पर हुई झड़पों के दौरान पकड़ा गया था। तब से ये पाकिस्तानी सैनिक तालिबान के कब्जे में थे। तालिबान ने पाकिस्तानी सैनिकों की रिहाई सऊदी अरब की मध्यस्थता के


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 17, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    काबुल: अफगानिस्तान में तालिबान के नेतृत्व वाली इस्लामिक अमीरात सरकार ने मंगलवार को 3 पाकिस्तानी सैनिकों को रिहा कर दिया। इन सैनिकों को अक्तूबर में सीमा पर हुई झड़पों के दौरान पकड़ा गया था। तब से ये पाकिस्तानी सैनिक तालिबान के कब्जे में थे। तालिबान ने पाकिस्तानी सैनिकों की रिहाई सऊदी अरब की मध्यस्थता के बाद उठाया है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों देशों के बॉर्डर भी लंबे समय से बंद हैं।

    पाकिस्तान-तालिबान में नाजुक संबंध

    यह रिहाई 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से बॉर्डर पार की सबसे खराब लड़ाई के कुछ महीने बाद हुई है। अक्टूबर की झड़पों में दोनों देशों के दर्जनों लोग मारे गए थे, जिसके बाद दोनों पक्ष एक नाजुक सीजफायर पर सहमत हुए थे, लेकिन लंबे समय तक चलने वाली राजनीतिक समझ बनाने में नाकाम रहे। तालिबान और पाकिस्तान ने एक दूसरे पर संघर्ष विराम तोड़ने और हमले के आरोप लगाए हैं।

    तालिबान ने पाकिस्तानी सैनिकों की रिहाई की पुष्टि की

    तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने एक बयान में कहा कि 12 अक्टूबर को बॉर्डर पर लड़ाई के दौरान हिरासत में लिए गए सैनिकों को काबुल में एक सऊदी डेलीगेशन को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि यह रिहाई तालिबान सरकार की “सभी देशों के साथ अच्छे रिश्ते” बनाए रखने की पॉलिसी के मुताबिक है और यह मुस्लिमों के पवित्र महीने रमजान से पहले हुई है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि यह “सऊदी अरब जैसे भाईचारे वाले देश” की रिक्वेस्ट के जवाब में भी था, जिसने हाल ही में दोनों पक्षों के बीच बातचीत होस्ट की थी।

    पाकिस्तान ने तालिबान पर लगाए गंभीर आरोप

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मुख्य बॉर्डर क्रॉसिंग तनाव के कारण लंबे समय से बंद हैं। इससे 2,600 किमी (1,600 मील) की सीमा पर व्यापार और आने-जाने में रुकावट आ रही है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान का तालिबान शासन पाकिस्तान के अंदर हमले करने वाले आतंकवादियों को पनाह दे रहा है, जबकि काबुल इस आरोप से इनकार किया है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।