सऊदी आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक, जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है कि उनमें से 11,710 लोग रेजिडेंसी कानून का उल्लंघन करते पाए गए हैं, जबकि 4,239 ने बॉर्डर सिक्योरिटी नियमों का उल्लंघन किया था। वहीं, 2,887 लोग लेबर कानून का उल्लंघन कर रहे थे। जिनमें से ज्यादातर लोगों को देश से बाहर निकाल दिया गया है और बाकी बचे लोगों को भी सऊदी से बाहर करने की तैयारी चल रही है।
सऊदी से अवैध निवासियों को निकाला जा रहा बाहर
सऊदी के आंतरिक मंत्रालय ने कहा है कि 10,195 लोगों को पहले ही डिपोर्ट किया जा चुका है। इसके अलावा 20,956 उल्लंघन करने वालों को ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स हासिल करने के लिए उनके डिप्लोमैटिक मिशन भेजा गया है। वहीं, 5,201 लोगों को देश से निकालने से पहले ट्रैवल अरेंजमेंट पूरे करने के लिए ट्रांसफर किया गया है, यानि इन्हें बहुत जल्द सऊदी से बाहर कर दिया जाएगा। सऊदी अधिकारियों ने ये भी बताया है कि देश में अवैध तरीके से घुसने की कोशिश कर रहे 1,741 लोगों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें 39 प्रतिशत यमन के रहने वाले विस्थापित, 60 प्रतिशत इथियोपियाई नागरिक और एक प्रतिशत अन्य देशों के थे। इसके अलावा, 46 लोगों को देश से गैर-कानूनी तरीके से बाहर निकलने की कोशिश करते समय हिरासत में लिया गया।
इसके अलावा सऊदी अरब अब उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहा है, जिन लोगों को अवैध तरीके से लोगों को देश में दाखिल होने में मदद की थी। अवैध निवासियों को ट्रांसपोर्ट, रहने की जगह या नौकरी देने के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सऊदी आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक, इस अभियान के तहत फिलहाल 29,823 विदेशी, जिनमें 28,220 पुरुष और 1,603 महिलाएं शामिल हैं, उनकी जांच की जा रही है। वहीं सऊदी मंत्रालय ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा है कि अवैध रूप से देश में लोगों के घुसने में मदद करने वालों, ट्रांसपोर्ट, रहने की जगह या नौकरी में मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को 15 साल तक की जेल और 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना हो सकता है। इसके साथ ही अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहन या संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।












