आदिल राजा ने सोमवार को अपने वीडियो में बताया है कि उनके हाथ लगी खुफिया रिपोर्ट कहती है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पर्दे के पीछे से यूएई के खिलाफ तगड़ी जंग छेड़ रखी है। पर्दे के पीछे ही नहीं बल्कि अब यह सामने भी दिखने लगी है। सऊदी ने अपने हालिया फैसले में गाजा में सीधे मदद भेजने की बात कही है। अभी तक यूएई ही गाजा में मदद भेज रहा था।
पाकिस्तान, मिस्र फंसा
सऊदी अरब का गाजा में मदद भेजने का फैसला दिखाता है कि यूएई से उसका तनाव बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में खुद को मजबूत करने और यूएई को साइडलाइन करने के लिए सऊदी अरब ने तुर्की और कतर से गठबंधन किया है। इस गठजोड़ में कई दूसरे देशों को जोड़ा जा रहा है। ये गठबंधन सोमालिया, सूडान, लीबिया और सूडान में सरकार विरोधी गुटों को कमजोर करने में लगा है, जिनको यूएई की मदद है।
सऊदी अरब के गठबंधन और यूएई से उसकी लड़ाई ने खासतौर से मिस्र और पाकिस्तान को मुश्किल में डाला है। ये दोनों मुल्क अपना पक्ष साफ नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सऊदी की ओर से दोनों को कहा जा रहा है कि वह अपनी स्थिति स्पष्ट करें। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर और मिस्र के लीडर फतह अल सीसी से सऊदी ने अपनी पोजीशन साफ करने के लिए सऊदी की ओर से दबाव बनाया जा रहा है।
अब क्या करेंगे मुनीर
राजा का दावा है कि सऊदी अरब को लगता है कि यूएई के साथ इजरायल के अलावा अगर कोई साथ नजर आ रहा है तो वह मिस्र और पाकिस्तान है। सऊदी के रुख ने खासतौर से असीम मुनीर की नींद उड़ा दी है। मुनीर की कोशिश है कि मोहम्मद बिन सलमान से मिलया जाए लेकिन उसे वक्त नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि सलमान ने पाकिस्तान के साथ एक बड़ी डील भी कैंसिल कर दी है।
सऊदी अरब की ओर से यूएई के खिलाफ एक एक्टिव कैंपेन भी चलाया जा रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि इजरायल को गाजा युद्द के समय यूएई ने अरबों डॉलर के हथियार भेजे थे। अरब जगत में यूएई और इजरायल के रिश्ते को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। ये बातें सऊदी की ओर से चलाई जा रही हैं।














