अब, पपाराजी वरिंदर चावला ने इस घटना पर रिएक्ट किया है। उन्होंने कहा, ‘मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं- सनी पाजी भी जया बच्चन की तरह गुस्सैल स्वभाव के हैं। उनका स्वभाव ही ऐसा है। कई भारतीय धरम जी से प्यार करते हैं। पपाराजी उनके घर से कम से कम 20 से 30 फीट दूर थे। वे बस अपना काम कर रहे थे। वे दर्शकों को दिखाना चाहते थे कि कितने बॉलीवुड सितारे इतने प्यारे व्यक्ति से मिलने आते हैं और उनके प्रति कितना प्यार और सम्मान रखते हैं। यह पहली बार नहीं हो रहा था। हम तो सदियों से ऐसा करते आ रहे हैं।’
पपाराजी ने सनी देओल को कहा गुस्सैल
सनी देओल का गुस्सा धर्मेंद्र के अस्पताल के बिस्तर के पास उनके परिवार के रोने के वीडियो से भी उपजा, जिसे कथित तौर पर एक स्टाफ ने लीक कर दिया था। चावला ने कहा, ‘धर्मेंद्र का अस्पताल से लीक हुआ वीडियो हमारी गलती नहीं थी। मुझे नहीं पता आपकी अंदरूनी परेशानियां क्या हैं, लेकिन आप अपना गुस्सा हम पर निकालते हैं? हर कोई अपना गुस्सा हम पर ही निकालता है।’
सनी दुखी थे तो कह सकते थे
उन्होंने यह भी कहा कि अगर सनी इतने दुखी थे और उस समय निजता चाहते थे, तो वे गाली-गलौज किए बिना भी निजता का अनुरोध कर सकते थे। वरिंदर चावला ने कहा, ‘वही बात आप गाली-गलौज के बिना भी कह सकते थे। आपके पास एक पीआर टीम है जो हमारे संपर्क में है, है ना? हमने धर्मेंद्र के स्वास्थ्य पर परिवार का बयान पोस्ट किया था, जो उन्हीं की तरफ से आया था, है ना? मैंने खुद किया था। आप अपनी पीआर टीम के जरिए बस इतना कह सकते थे कि आप थोड़े भावुक हैं और आपको निजता चाहिए, हम पीछे हट जाते। हमने ऐसा कब नहीं किया?’
सनी देओल को लेकर क्या कहा!
उन्होंने स्पष्ट किया कि सनी देओल के पपाराजी को गाली देने वाला वीडियो देखने से पहले ही उन्होंने करण जौहर की इंस्टाग्राम स्टोरी देखी थी, जिसमें उन्होंने मीडिया को संयम बरतने की सलाह दी थी। चावला ने आगे कहा, ‘मैंने तुरंत अपनी टीम को फोन किया और उनसे कहा कि वे अब धर्मेंद्र के घर न जाएं। उन्हें कुछ प्राइवेसी दें। मैंने तुरंत अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर भी यह पोस्ट किया कि मैंने अपनी टीम को वहां न जाने के लिए कहा है। धर्मेंद्र की मौत की खबर आने तक मेरी टीम दोबारा वहां नहीं गई।’
जया बच्चन भी पपाराजी पर भड़की थीं
लगभग उसी समय, दिग्गज अभिनेत्री जया बच्चन ने भी कहा था कि उनका पपाराजी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने मोजो स्टोरी से कहा, ‘ये लोग कौन हैं? क्या इन्हें इस देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है? आप इन्हें मीडिया कहते हैं? मैं मीडिया परिवार से आती हूं, मेरे पिता पत्रकार थे। मैं इन लोगों का बहुत सम्मान करती हूं। लेकिन ये लोग ठीक नहीं हैं।’













