एक अभिनेत्री, काम और तीन बच्चों की मां जैसी तिहरी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन साधने को लेकर वे कहती हैं, ‘मुझे लगता है, बैलेंस करने के अलावा और कोई चारा भी तो नहीं है। बिजनेस है तो आपको उसे भी संभालना है। बच्चे हैं, तो उनकी , को भी देखना है। अभिनय भी करना होता है, तो आपके पास और कोई ऑप्शन नहीं होता, जब कोई और रास्ता ही नहीं होता, तब आप जुट जाते हैं। अपना काम ढंग से करो, चुनौतियों का सामना करो, यही ड्राइविंग फोर्स होता है। मुझे अपनी जिम्मेदारियां अच्छी लगती हैं। मैं हमेशा नई चीजों को लेकर उत्साहित रहती हूं और वही मेरी एनर्जी का स्रोत होता है।’
जब दिल से चाहो, तभी मां बनो
सनी लियोन निशा, एशर और नोहा जैसी तीन बच्चों की मां हैं, जो क्रमशः 9 और 8 साल के हैं। उन्होंने 2017 में निशा नामक बच्ची को गोद लिया था और 2018 में वे नोहा और एशर जैसे जुड़वा बेटों को सेरोगेसी के जरिए दुनिया में लाईं। मदरहुड के बारे में वे कहती हैं, ‘अगर आपको बच्चे चाहिए, तो दिल से चाहें। किसी सोशल प्रेशर या फिर मम्मी-पापा के कहने पर बच्चे पैदा न करें। आप जब किसी दबाव में आकर बच्चे पैदा करते हैं और जब आप उनके लिए मानसिक तौर पर तैयार होते हैं, दोनों में बहुत फर्क होता है। मेरे और डेनियल (उनके पति) के लिए तो ये थ्री अगेंस्ट टू रहा है (हंसती हैं) हमें बच्चे चाहिए थे।
दो हजार लोग तालियां बजा रहे थे, मैं रो रही थी
कान फिल्म फेस्टिवल में मिले फिल्म के अभूतपूर्व रिस्पॉन्स के बारे में वे कहती हैं, ‘फिल्म को सात मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन! मैं क्या बोलूं? उस जगह की एनर्जी कमाल की थी। उस अनुभव को बयान करने के लिए मेरे पास लफ्ज नहीं हैं। आप जब इस तरह के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में जाते हैं और लोगों का ऐसा रिएक्शन मिलता है, तो बहुत ही गर्व होता है। बुरा मत मानिएगा, आज के दौर में फिल्म के रिव्यूज को लेकर लोग कई बार अच्छा-बुरा कहते हैं कि फिल्म अच्छी नहीं थी,पकाऊ थी, आदि आदि। वहां पर आम तौर पर फिल्म मेकिंग की सराहना के बजाय आलोचना होती है। मगर जब आप फिल्मोत्सव में जाते हैं, तो अहसास होता है कि लोग अच्छी फिल्म और सशक्त स्टोरी टेलिंग पर अपना यकीन दिखाते हैं।
मुझसे सामने से अभी अच्छे से मिलते हैं
अपने एक इंटरव्यू में सनी ने हमें बताया था कि उनके अतीत (अडल्ट स्टार) के कारण बड़े स्टार्स की बीवियां उनसे डरती हैं, तो क्या आज वो हालात बदल गए हैं? आज वे एक अभिनेत्री के रूप में स्थापित हो गई हैं? इस पर वे कहती हैं, ‘वो बात मैंने अपने बहुत ही पुराने इंटरव्यूज में कही थी। अब अभिनेत्री के रूप में कितनी स्थापित हुई हूं, ये तो फिल्म के आने के बाद ही पता चलेगा, मगर इतना जरूर कहूंगी कि मैंने अतीत में जो भी कहा हो, साल दर साल और प्रॉजेक्ट दर प्रॉजेक्ट लोगों के नजरिए में फर्क आया है। आप जैसे-जैसे सीनियर और अनुभवी होते जाते हैं, लोगों की सोच बदलती जाती है। देखिए, मेरे लिए सभी अच्छे रहे। मुझे ऐसा कभी कोई नहीं मिला, तो मेरे प्रति रूड रहा हो। आप जब किसी कलाकार या उनके परिवार को मिलते हैं, तो सभी अच्छे से ही मिलते हैं। लेकिन उसके बाद जो होता है, उसका मुझे पता नहीं। मेरे सामने तो सभी अच्छे रहे हैं।’
15 साल में कितनी बदलीं
एक अभिनेत्री के रूप में पिछले 15 सालों में कितनी इवॉल्व हुई हैं? इस पर वे कहती हैं, ‘अभिनय के सफर में आप कहीं न कहीं से कुछ न कुछ जरूर सीखते हैं। कभी कोई छोटी-सी चीज या फिर कोई बड़ा सबक। फिल्म मेकिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जो आपको प्रोडक्शन, राइटिंग या खुद के बारे में कुछ न कुछ जरूर सिखाता है। आपको लगातार सीखते रहना होता है, वरना आप किसी एक जगह पर थम जाते हैं। फिर उसमें कोई मजा नहीं रह जाता।’
अनुराग सर से बहुत कुछ सीखा
बॉलिवुड में जिस्म 2 से अपने करियर का आगाज करने वाली सनी लियोन को अपनी पहली फिल्म में महेश भट्ट जैसे निर्देशक का साथ मिला था और आज वे अनुराग कश्यप की कैनेडी से चर्चा में हैं। उनसे जब पूछा जाता है कि महेश भट्ट से अनुराग कश्यप तक के इस सफर को लेकर वे कहती हैं, ‘मैंने तब कभी सोचा नहीं था कि मैं करियर का कोई चक्र पूरा करने जा रही हूं। मुझे मौका मिला और मैंने किया। मगर आज मैं खुश हूं, जिस तरह से मेरे करियर ने शेप लिया। मैं बहुत ही गर्व महसूस करती हूं कि अनुराग कश्यप ने मुझे चार्ली की भूमिका के लिए चुना। उनके साथ काम करते हुए मेरी एक ही कोशिश थी कि मैं उन्हें अपना बेस्ट दूं। जब लोग फिल्म देखें, तो वे मेरे किरदार पर यकीन करें और चार्ली को पसंद करें। मैंने अनुराग सर की बातों, उनकी कहानियों और सफर से बहुत कुछ सीखा।’













