• Entertainment
  • सनी लियोनी Exclusive: मैं और डेनियल नहीं चाहते बच्चे नैनी भरोसे पलें, वो खिलौने नहीं, हमारा साथ याद रखेंगे

    इंडस्ट्री में तकरीबन डेढ़ दशक का समय बिता चुकी सनी लियोनी ने आखिरकार बॉलिवुड और इंडिया में अपनी जमीन पुख्ता कर ही ली। आज उनका अतीत कहीं पीछे छूट चुका है। एक अभिनेत्री, बिजनेसवुमन और मां के रूप में वे मजबूत और खुश हैं। एक लेखिका और एक्टिविस्ट के रूप में खुद को संवारने वाली


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 14, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    इंडस्ट्री में तकरीबन डेढ़ दशक का समय बिता चुकी सनी लियोनी ने आखिरकार बॉलिवुड और इंडिया में अपनी जमीन पुख्ता कर ही ली। आज उनका अतीत कहीं पीछे छूट चुका है। एक अभिनेत्री, बिजनेसवुमन और मां के रूप में वे मजबूत और खुश हैं। एक लेखिका और एक्टिविस्ट के रूप में खुद को संवारने वाली सनी इन दिनों चर्चा में हैं अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘कैनेडी’ से। पिछले दो सालों में ‘कान’ और ‘मामी’ जैसे अनेकों फिल्मोत्सवों में इनाम-इकराम बटोरने के बाद अब ये फिल्म ओटीटी पर आने वाली है। सनी से एक खास मुलाकात।

    एक अभिनेत्री, काम और तीन बच्चों की मां जैसी तिहरी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन साधने को लेकर वे कहती हैं, ‘मुझे लगता है, बैलेंस करने के अलावा और कोई चारा भी तो नहीं है। बिजनेस है तो आपको उसे भी संभालना है। बच्चे हैं, तो उनकी , को भी देखना है। अभिनय भी करना होता है, तो आपके पास और कोई ऑप्शन नहीं होता, जब कोई और रास्ता ही नहीं होता, तब आप जुट जाते हैं। अपना काम ढंग से करो, चुनौतियों का सामना करो, यही ड्राइविंग फोर्स होता है। मुझे अपनी जिम्मेदारियां अच्छी लगती हैं। मैं हमेशा नई चीजों को लेकर उत्साहित रहती हूं और वही मेरी एनर्जी का स्रोत होता है।’

    जब दिल से चाहो, तभी मां बनो

    सनी लियोन निशा, एशर और नोहा जैसी तीन बच्चों की मां हैं, जो क्रमशः 9 और 8 साल के हैं। उन्होंने 2017 में निशा नामक बच्ची को गोद लिया था और 2018 में वे नोहा और एशर जैसे जुड़वा बेटों को सेरोगेसी के जरिए दुनिया में लाईं। मदरहुड के बारे में वे कहती हैं, ‘अगर आपको बच्चे चाहिए, तो दिल से चाहें। किसी सोशल प्रेशर या फिर मम्मी-पापा के कहने पर बच्चे पैदा न करें। आप जब किसी दबाव में आकर बच्चे पैदा करते हैं और जब आप उनके लिए मानसिक तौर पर तैयार होते हैं, दोनों में बहुत फर्क होता है। मेरे और डेनियल (उनके पति) के लिए तो ये थ्री अगेंस्ट टू रहा है (हंसती हैं) हमें बच्चे चाहिए थे।

    हम उन्हें पाल-पोसकर बड़ा करना चाहते हैं, उनके साथ रहना चाहते हैं। हम उनकी जिंदगी का हिस्सा बनना चाहते हैं। बुरा मानने वाली बात नहीं है, पर हम नहीं चाहते कि नैनी या बाहरी लोग हमारे बच्चों को पालें। हम चाहते हैं, वे हमेशा हमें अपने आस-पास देखें और जब वे बड़े हों, तो उनके साथ हमारे अहसास हों कि मम्मी कैसे हमें स्कूल से लेने आती थीं।
    सनी लियोनी, एक्ट्रेस

    पापा मेरा मैच देखने आते हैं, तब कितनी खुशी होती है? मैं ये नहीं चाहती कि वे बड़े होकर हमारे लाए हुए खिलौने याद रखें। वे हमारा दिया हुआ समय याद रखें और वाकई यही होता है। बच्चों को बड़े होकर खिलौने या कपड़े याद नहीं रहते, उनको तो ट्रिप्स और वो टाइम याद रहता है, जो हमने साथ मिलाकर बिताया होता है। बच्चो को समय देना अनमोल होता है।
    सनी लियोनी, एक्ट्रेस

    दो हजार लोग तालियां बजा रहे थे, मैं रो रही थी

    कान फिल्म फेस्टिवल में मिले फिल्म के अभूतपूर्व रिस्पॉन्स के बारे में वे कहती हैं, ‘फिल्म को सात मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन! मैं क्या बोलूं? उस जगह की एनर्जी कमाल की थी। उस अनुभव को बयान करने के लिए मेरे पास लफ्ज नहीं हैं। आप जब इस तरह के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में जाते हैं और लोगों का ऐसा रिएक्शन मिलता है, तो बहुत ही गर्व होता है। बुरा मत मानिएगा, आज के दौर में फिल्म के रिव्यूज को लेकर लोग कई बार अच्छा-बुरा कहते हैं कि फिल्म अच्छी नहीं थी,पकाऊ थी, आदि आदि। वहां पर आम तौर पर फिल्म मेकिंग की सराहना के बजाय आलोचना होती है। मगर जब आप फिल्मोत्सव में जाते हैं, तो अहसास होता है कि लोग अच्छी फिल्म और सशक्त स्टोरी टेलिंग पर अपना यकीन दिखाते हैं।

    वे जब खड़े होकर आपके लिए तालियां बजा रहे होते हैं, तब आप बहुत ज्यादा इमोशनल और अभिभूत हो जाते हैं। मैं पूरे कान फिल्म फेस्टिवल में रोती जा रही थी। मैं देख रही थी कि 2000 लोग खड़े होकर तालिया बजा रहे थे। मुझे यकीन नहीं आ रहा था कि मैं कहां हूं। वहां होने वाले इंटरव्यूज और रिएक्शन एक ख्वाब की तरह था। एक लड़की जिसका सफर कहां से कहां तक पहुंचा है। मैंने बिग बॉस से अपने करियर की शुरुआत की थी और मैं दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल कान के रेड कार्पेट पर थी।
    सनी लियोनी, एक्ट्रेस

    मुझसे सामने से अभी अच्छे से मिलते हैं

    अपने एक इंटरव्यू में सनी ने हमें बताया था कि उनके अतीत (अडल्ट स्टार) के कारण बड़े स्टार्स की बीवियां उनसे डरती हैं, तो क्या आज वो हालात बदल गए हैं? आज वे एक अभिनेत्री के रूप में स्थापित हो गई हैं? इस पर वे कहती हैं, ‘वो बात मैंने अपने बहुत ही पुराने इंटरव्यूज में कही थी। अब अभिनेत्री के रूप में कितनी स्थापित हुई हूं, ये तो फिल्म के आने के बाद ही पता चलेगा, मगर इतना जरूर कहूंगी कि मैंने अतीत में जो भी कहा हो, साल दर साल और प्रॉजेक्ट दर प्रॉजेक्ट लोगों के नजरिए में फर्क आया है। आप जैसे-जैसे सीनियर और अनुभवी होते जाते हैं, लोगों की सोच बदलती जाती है। देखिए, मेरे लिए सभी अच्छे रहे। मुझे ऐसा कभी कोई नहीं मिला, तो मेरे प्रति रूड रहा हो। आप जब किसी कलाकार या उनके परिवार को मिलते हैं, तो सभी अच्छे से ही मिलते हैं। लेकिन उसके बाद जो होता है, उसका मुझे पता नहीं। मेरे सामने तो सभी अच्छे रहे हैं।’

    15 साल में कितनी बदलीं

    एक अभिनेत्री के रूप में पिछले 15 सालों में कितनी इवॉल्व हुई हैं? इस पर वे कहती हैं, ‘अभिनय के सफर में आप कहीं न कहीं से कुछ न कुछ जरूर सीखते हैं। कभी कोई छोटी-सी चीज या फिर कोई बड़ा सबक। फिल्म मेकिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जो आपको प्रोडक्शन, राइटिंग या खुद के बारे में कुछ न कुछ जरूर सिखाता है। आपको लगातार सीखते रहना होता है, वरना आप किसी एक जगह पर थम जाते हैं। फिर उसमें कोई मजा नहीं रह जाता।’

    अनुराग सर से बहुत कुछ सीखा

    बॉलिवुड में जिस्म 2 से अपने करियर का आगाज करने वाली सनी लियोन को अपनी पहली फिल्म में महेश भट्ट जैसे निर्देशक का साथ मिला था और आज वे अनुराग कश्यप की कैनेडी से चर्चा में हैं। उनसे जब पूछा जाता है कि महेश भट्ट से अनुराग कश्यप तक के इस सफर को लेकर वे कहती हैं, ‘मैंने तब कभी सोचा नहीं था कि मैं करियर का कोई चक्र पूरा करने जा रही हूं। मुझे मौका मिला और मैंने किया। मगर आज मैं खुश हूं, जिस तरह से मेरे करियर ने शेप लिया। मैं बहुत ही गर्व महसूस करती हूं कि अनुराग कश्यप ने मुझे चार्ली की भूमिका के लिए चुना। उनके साथ काम करते हुए मेरी एक ही कोशिश थी कि मैं उन्हें अपना बेस्ट दूं। जब लोग फिल्म देखें, तो वे मेरे किरदार पर यकीन करें और चार्ली को पसंद करें। मैंने अनुराग सर की बातों, उनकी कहानियों और सफर से बहुत कुछ सीखा।’

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।