बुद्धिमान उस कार्य को शीघ्र करता है जिसे अज्ञानी विलंब से करता है- इस सूत्र को गांठ बांध लीजिए, सफलता पाने के लिए जहां तक संभव हो शीघ्रता कीजिए नहीं तो आप विवशतावश ही वह करेंगे जो आप को पहले करना चाहिए था। बच्चों का विवाह अथवा संतान सुख हो, विलंब होने से और परेशानियां बढ़ने लगती हैं। ग्रहदशा की सहायता से बुद्धिमान अनुमान लगा लेते हैं कि उन्हें देर-सवेर क्या करना है और उसे खुशी से करते हैं, जिससे उनका मान-सम्मान बढ़ जाता है।
कांच जैसे मत बनिए- जब भी मुसीबत आती है, तो कुछ लोग शीघ्र अन्दर से टूट जाते हैं, जिससे पता चलता है कि वे कितने नाजुक हैं। आपका व्यक्तित्व ऐसा होने चाहिए कि कोई भी आपको कुछ भी कहे अथवा अनावश्यक तंग करे तो आप तुरन्त विचलित एवं परेशान न हों। अक्सर देखा गया है, अशुभ ग्रहदशा एवं गोचर चलने पर निर्मल स्वभाव के लोग बहुत ज्यादा दुःखी होने लगते हैं। जब भी समय खराब आए, अपने आप को मजबूत बनाएं, ग्रहदशा का उपाय करें।
उनसे संपर्क बनाइए जिनसे आप कुछ सीख सकते हैं- जीवन में गुरु बनाइए और ज्ञान अर्जित करने की कला सीखें। सूझबूझ वाले लोगों की संगति में रहिए, ऐसा गुण अपनाने पर जब भी आप जो कहेंगे, उसकी प्रशंसा होगी और जो आप सुनेंगे वह ज्ञान बनेगा।
शिकायत कभी मत कीजिए- शिकायत करने से सम्मान घटता है, इससे लोगों में दया भाव जगने के स्थान पर आक्रोश उभरने लगता है, जो उन्हें उन लोगों जैसा व्यवहार करने को उकसाती है, जिनके बारे में हमें शिकायत होती है। बेहतर है, अगर शिकायत करना भी है, तो प्रशंसा के रूप में करने की कला सीखें ताकि आप सामने वाले का दिल जीतकर अपना कार्य सफलतापूर्वक करवा सकें।














