राहुल गांधीने कहा कि प्रधानमंत्री यदि लोकसभा में आए तो मैं उन्हें पूर्व सेना प्रमुख नरवणेकी किताब भेंट करूंगा। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री आज लोकसभा आने की हिम्मत करेंगे। अगर प्रधानमंत्री आते हैं, तो मैं स्वयं जाकर उन्हें यह किताब दूंगा ताकि वे इसे पढ़ सकें और देश को सच्चाई का पता चल सके।
जब Azad Hind ने राहुल गांधी से पूछा कि बुक कहां से मिली और क्या आम लोगों को भी बुक (Four stars of destiny) मिल सकती है? राहुल गांधी ने कहा – ‘You can imagine where the book came from’ इसका मतलब है कि ‘आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह किताब कहां से आई होगी।’
राहुल गांधी ने पत्रकारों को बताया किताब में क्या है?
- राहुल गांधी ने कहा, ‘सरकार कह रही है कि किताब है ही नहीं। स्पीकर ने कहा कि किताब नहीं है…. देश के हर युवा को देखना चाहिए कि किताब है। ये नरवणे जी की किताब है जिसमें उन्होंने पूरा लिखा है… मुख्य बात वही है जो PM ने कहा – ‘जो उचित समझो वो करो’। जब (पूर्व) आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने राजनाथ सिंह जी को फोन किया और कहा कि चीनी टैंक कैलाश रिज तक पहुंच गए हैं, तो हमें क्या करना चाहिए?’
- राहुल गांधी ने कहा, ‘पहले राजनाथ सिंह ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने जयशंकर जी, NSA और राजनाथ सिंह से पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिर उन्होंने एक बार फिर राजनाथ सिंह को फोन किया। राजनाथ सिंह ने उनसे कहा कि वह ‘टॉप’ से पूछेंगे। ‘टॉप’ का स्टैंडिंग ऑर्डर था कि अगर चीनी सेना आती है, तो हमें बिना इजाजत के उन पर गोली नहीं चलानी चाहिए।’
- राहुल गांधी आगे बताते हैं, ‘नरवणे जी और हमारी सेना उन टैंकों पर गोली चलाना चाहती थी क्योंकि वे हमारे इलाके में घुस गए थे। नरेंद्र मोदी जी ने मैसेज दिया कि ‘जो उचित समझो वो करो’। इसका मतलब है कि नरेंद्र मोदी ने अपनी ड्यूटी पूरी नहीं की; उन्होंने आर्मी चीफ से कहा कि जो मन करे वो करो क्योंकि ‘यह मेरे बस की बात नहीं है।’ नरवणे जी किताब में लिखते हैं कि मुझे सच में बहुत अकेला महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था।’













