पुलिस ने जारी किया अलर्ट
यह टेंशन 5 वें वेतन आयोग की Apk फाइल है जिसे इन दिनों स्कैमर धड़ाधड़ मोबाइल यूजर्स को भेज रहे हैं।इसकी वजह से कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में सेंध लगने का खतरा पैदा हो गया है। दिल्ली समेत देश के छोटे बड़े शहरों में पुलिस के पास तमाम शिकायतें पहुंच रही हैं, जिसकी वजह से लगभग हर राज्य की पुलिस को अपने नागरिकों के लिए अलर्ट एडवाइजरी जारी करनी पड़ रही है।
गृह मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
इसी कड़ी में शुक्रवार को गृह मंत्रालय की 14c और साइबर यूनिट ने भी एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि ‘सरकारी कर्मचारियों को वट्सऐप पर मेसेज भेजकर कहा जा रहा है कि 5वें वेतन आयोग लागू होने पर उनकी सैलरी कितनी होगी, यह जानने के लिए एक APK फाइल डाउनलोड करें।
क्या है Apk फाइल डाउनलोड स्कैम
APK (Android Package Kit) से नए नए ट्रेंड के स्कैम हो रहे है। पुलिस का कहना है कि APK एक थर्ड पार्टी ऐप के तौर पर इस्तेमाल या इंस्टॉल कराया जाता है। अगर आप प्ले स्टोर के बजाय किसी अन्य जगह से APK को डाउनलोड करके इंस्टॉल करते है तो उससे आपके मोबाइल में वायरस और स्पैमिंग का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि यह कोई नहीं जानता कि उस एप्लीकेशन को किस मकसद से बनाया गया है, और वह क्या-क्या डेटा आपका चुरा सकता है। अगर आपको कोई APK फाइल मिलती है, तो उसे बिल्कुल भी डाउनलोड न करें। डाउनलोड से खतरा है।
पुलिस की पब्लिक को सलाह
- सरकार कभी भी वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी Apk. फाइल या निजी लिंक के जरिए नहीं भेजती।
- अगर किसी को ऐसा मेसेज आए तो उसे तुरंत डिलीट करें और किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
- अगर गलती से Apk. डाउनलोड हो जाए तो तुरंत फाइल मैनेजर में जाकर अनइंस्टॉल कर दें।
- अपने बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन को होल्ड कर दें, किसी को भी OTP, बैंक डिटेल या स्क्रीन एक्सेस साझा न करें।
- सैलरी, पेशन या पे-कमीशन की आधिकारिक जानकारी सिर्फ सरकारी वेबसाइट gov.in/ पर ही देखें।













