जियो की रिपोर्ट के मुताबिक, सरबजीत सिंह कौर को लाहौर के दार-उल-अमन शेल्टर होम में भेजा गया है। वहीं, पाकिस्तानी अधिकारी महिला की कानूनी और प्रशासनिक स्टेटस पर बातचीत कर रहे हैं। उसे भारतीय अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया पर अभी फैसला नहीं हुआ है। आपको बता दें कि 48 साल की भारतीय महिला सरबजीत कौर 4 नवंबर को सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थी और फिर वहां गायब हो गई थी। बाद में पता चला कि उसने 5 नवंबर को इस्लाम कबूलकर नासिर हुसैन नाम के पाकिस्तानी नागरिक के साथ शादी कर ली है।
सरबजीत कौर को क्या भारत भेजेगा पाकिस्तान?
सरबजीत कौर और नासिर हुसैन को इस महीने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया और अब जियो न्यूज ने रिपोर्ट दी है कि उसे लाहौर शेल्टर होम भेजा गया है। जियो न्यूज ने पाकिस्तान के रक्षा सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भारतीय सिख महिला का साल 2016 में नासिर हुसैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क हुआ था और धीरे धीरे उनके बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। महिला तलाकशुदा थी। उसने पाकिस्तान जाने के लिए पहले भी कोशिशें की थी लेकिन वीजा नहीं मिल पाया।
पाकिस्तान के सिख संगठन ने लाहौर कोर्ट में सिख महिला को जल्द भारत भेजने को लेकर याचिका दायर की है। सिख संगठन के वकील अहमद हसन पाशा ने जियो न्यूज से बात करते हुए कहा है कि “फॉरेनर्स एक्ट 1946 के तहत, सरबजीत कौर को पाकिस्तान में रहने की इजाजत नहीं है, इसीलिए उन्हें भारत वापस भेजने का इंतजाम किया गया।” हालांकि उन्होंने आगे ये भी कहा, कि वह बाद में भारत से पति-पत्नी वीजा पर पाकिस्तान लौट सकती हैं और उसके बाद स्थायी तौर पर रहने के लिए पाकिस्तान सरकार के कानून के तहत आवेदन कर सकती हैं। जबकि लाहौर हाई कोर्ट में सरबजीत कौर के खिलाफ केस लड़ रहे वकील अली चंगेज़ी सिंधु ने कहा, कि मामला अभी भी कोर्ट में पेंडिंग है। 5 दिसंबर को सुनवाई के दौरान, जस्टिस फारूक हैदर ने कैबिनेट डिवीजन, पंजाब इंस्पेक्टर जनरल, फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी और दूसरे संबंधित संस्थानों से रिपोर्ट मांगी है।














