डिफेंस रोबोटिक्स पर तेज काम कर रहा चीन
चीन डिफेंस रोबोटिक्स में तेजी से काम कर रहा है। वह वर्षों से रोबोट डॉग का निर्माण कर रहा है। इन रोबोट डॉग को चीनी सेना के कई अभ्यासों में देखा जा चुका है। इनमें से कई दूसरे रोबोट डॉग्स को मशीनगन और दूसरे तरीके के हथियारों से लैस देखा गया था। ये डॉग पहाड़ से लेकर मैदान तक में आसानी से ऑपरेट कर सकते हैं। इन्हें उन जगहों पर भी भेजा जा सकता है, जहां इंसानों का पहुंचना मुश्किल है। इससे चीन बिना सैनिकों की एक आर्मी खड़ी कर सकता है।
PF-070 की खासियतें जानें
PF-070 को एक प्रिसिजन-गाइडेड एंटी-आर्मर कैपेबिलिटी के साथ बनाया गया है। इसे टेरेन-एजाइल चेसिस के साथ जोड़ा गया है, जिससे यह किसी भी भौगोलिक स्थिति में काम करने में सक्षम है। इसकी पीठ पर चार कॉम्पैक्ट मिसाइल लॉन्चर तैनात किए गए हैं। ये मिसाइल लॉन्चर चीनी हथियारों के भंडार में मौजूद मैन-पोर्टेबल सिस्टम का एक अलग वर्जन हैं। इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल टारगेटिंग, थर्मल इमेजिंग, एक लेज़र रेंजफाइंडर से लैस किया गया है। यह रोबोट डॉग 2 से 4 किमी की दूरी तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।
भारत की कैसे बढ़ेगी टेंशन
चीन ने इस रोबोट डॉग को खासतौर पर भारतीय सीमा से सटे इलाकों में तैनात करने के लिए तैयार किया है। तिब्बत दुनिया का सबसे ऊंचा पठार है, जहां की जलवायु चीनी सैनिकों को रास नहीं आती है। 2020 में भारत के साथ सीमा झड़प के बाद चीन को इलाके में अपनी सैनिकों की तैनाती बनाए रखने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में रोबोट डॉग कुछ हद तक चीन की परेशानियों को हल कर सकते हैं। हालांकि, इससे भारत की टेंशन बढ़ सकती है।













