• International
  • सिंधु जल संधि पर भारत ने खारिज किया आर्बिट्रेशन कोर्ट का समन, बुरी तरफ फंसा पाकिस्तान, अब क्‍या करेंगे शहबाज?

    इस्लामाबाद: पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (IWT) विवाद के मुद्दे पर भारत ने एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। भारत ने इस मामले में हेग के परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (PCA) के दखल को खारिज कर दिया है। नीदरलैंड्स के हेग में IWT पर सुनवाई पर भारत ने कहा है कि वह इस


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 3, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    इस्लामाबाद: पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (IWT) विवाद के मुद्दे पर भारत ने एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। भारत ने इस मामले में हेग के परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (PCA) के दखल को खारिज कर दिया है। नीदरलैंड्स के हेग में IWT पर सुनवाई पर भारत ने कहा है कि वह इस ट्रिब्यूनल को गैर-कानूनी मानता है। भारत ने इस ट्रिब्यूनल के सप्लीमेंट्री अवॉर्ड और ऑपरेशनल डाटा मांगने वाले समन को नहीं माना है। दूसरी ओर पाकिस्तान इस मुद्दे को पूरे क्षेत्र के लिए खतरा कह रहा है। भारत के ताजा फैसले ने उसके संकट को और ज्यादा बढ़ा दिया है।

    हेग स्थित कोर्ट ने पिछले हफ्ते भारत को समन देते हुए कहा था कि कश्मीर के किशनगंगा और रातले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से संवेदनशील ऑपरेशनल रिकॉर्ड और डाटा दिया जाए। भारत ने इस मांग को खारिज करते हुए डाटा देने से इनकार कर दिया है। भारत सरकार ने ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र को मानने से ही इनकार कर दिया है।

    आर्बिट्रेशन कोर्ट नियम के तहत नहीं: भारत

    न्यूज18 ने सरकारी सूत्रों के हवाले से की गई रिपर्ट में कहा है कि विदेश मंत्रालय ने ट्रिब्यूनल को औपचारिक रूप से बता दिया है कि भारत ना तो उसके आदेशों का पालन करेगा और ना कार्यवाही में हिस्सा लेगा। भारत ने कहा है कि न्यूट्रल एक्सपर्ट प्रोसेस के बीच एक समानांतर आर्बिट्रेशन कोर्ट का गठन सिंधु संधि के विवाद समाधान ढांचे का उल्लंघन है।

    एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने CNN-News18 को बताया कि जब तक भारत की मौलिक सुरक्षा चिंताओं का समाधान नहीं हो जाता और पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन बंद नहीं करता है, तब तक भारत किसी भी संधि दायित्व को पूरा करने के लिए बाध्य नहीं है। इसमें हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करना या मध्यस्थता में भाग लेना शामिल है।

    पाकिस्तान ने दुनिया के सामने गुहार

    पाकिस्तान की ओर संयुक्त राष्ट्र (UN) में सिंधु जल संधि (IWT) का मुद्दा उठाया गया है और दुनिया से दखल की अपील की है। पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर यूएन और दूसरे मंचों पर उठा रहा है। पाकिस्तान ने ना सिर्फ दुनिया से गुहार लगाई है बल्कि भारत को युद्ध की गीदड़भभकी भी दी है। पाकिस्तान इस कदम को एक्ट ऑफ वॉर कहता है।

    बीते साल अप्रैल में पहलगाम के आतंकी हमले के बाद भारत ने घोषणा की थी कि वह पाकिस्तान के साथ 1960 में हुई IWT को स्थगित कर रहा है। IWT संधि सिंधु बेसिन की छह नदियों के पानी का बंटवारा भारत और पाकिस्तान के बीच करती है। भारत के कदम से पाकिस्तान के सामने जल संकट पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।