सवालकोट प्रोजेक्ट से पाकिस्तानी मीडिया में हंगामा मचा है। CNN-News18 ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तान के बड़े न्यूज चैनल और अखबारों ने भारत पर ‘पाकिस्तान को सुखाने’ की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं। पाक मीडिया ने भारत के इस प्रोजेक्टको ‘फिफ्थ जेनरेशन वॉरफेयर’ और ‘वॉटर टेररिज्म’ कहा है। पाक मीडिया कह रहा है कि दुनिया को भारत को उनका पानी बंद करने से रोकना चाहिए।
पानी को हथियार बनाया जा रहा है: पाकिस्तान
पाकिस्तानी चैनलों ने भारत के इस प्रोजेक्ट को चिनाब बेसिन से पानी के बहाव को हथियार बनाने का कदम बताया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से भी इस डेवलपमेंट को गंभीर चिंता का सबब कहा गया है। पाकिस्तान ने सावलकोट प्रोजेक्ट के बारे में भारत को लिखकर डिटेल जानकारी मांगी है।
भारत ने कहा कि चिनाब पर प्रोजेक्ट पूरी तरह से कानूनी और उसके अधिकारों के अंदर है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा है कि सावलकोट को रन-ऑफ-द-रिवर प्रोजेक्ट के तौर पर डिजाइन किया गया है। ट्रीटी फ्रेमवर्क के तहत इसकी इजाजत है। इसमें नदी बेसिन के बाहर पानी का डायवर्जन शामिल नहीं है।
सवालकोट डैम प्रोजेक्ट क्या है?
सवालकोट हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट जम्मू और कश्मीर के उधमपुर और रामबन जिलों में चिनाब नदी पर बनने वाला प्रोजेक्ट है। इसकी लागत करीब 5,129 करोड़ रुपए की है। सवालकोट हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट चिनाब नदी पर बगलिहार प्रोजेक्ट के ऊपर की तरफ और सलाल प्रोजेक्ट के नीचे की तरफ स्थित है।
इसके पहले स्टेज में 1,406 मेगावॉट का प्रोजेक्ट और दूसरे स्टेज में 450 मेगावॉट का प्रोजेक्ट बनेगा। यह भारत का एक ‘रन ऑफ द रिवर’ प्रोजेक्ट है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से रिश्तों में आए तनाव और सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद भारत की ओर से यह अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है।
पहलगाम हमले से बाद से तनाव
भारत ने बीते साल 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए। इसमें 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करना शामिल है। यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु और उसकी सहायक नदियों के पानी का बंटवारा करती है। भारत ने इससे हटने का फैसला लिया है।
सिंधु जल संधि पर भारत के रुख ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ाई है। पाकिस्तान का कहना है कि सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है। भारत का इस समझौते को तोड़ना पाकिस्तान में जल संकट पैदा कर सकता है। चिनाब पर प्रोजेक्ट ने पाकिस्तान की चिंता को दोगुना कर दिया है।













