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  • सिर्फ सोना-चांदी में निवेश करना सबसे अच्छा तरीका नहीं, मुकेश अंबानी का इशारा किस तरफ?

    नई दिल्ली: कुछ दिनों की गिरावट के बाद सोना और चांदी के दाम एक बार फिर आसमान छू रहे हैं। इस कारण लोग एक बार फिर इन पारंपरिक सुरक्षित निवेशों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन इन कीमती धातुओं पर ध्यान जाने के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का मानना है कि


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    By Azad Hind Desk फरवरी 4, 2026
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    नई दिल्ली: कुछ दिनों की गिरावट के बाद सोना और चांदी के दाम एक बार फिर आसमान छू रहे हैं। इस कारण लोग एक बार फिर इन पारंपरिक सुरक्षित निवेशों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन इन कीमती धातुओं पर ध्यान जाने के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का मानना है कि भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में सिर्फ सोना-चांदी में पैसा लगाना दौलत बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका नहीं है।

    हाल ही में एक जियोब्लैकरॉक (JioBlackRock) कार्यक्रम में बोलते हुए अंबानी ने बताया कि पिछले साल भारत ने करीब 60 अरब डॉलर का सोना और 10-15 अरब डॉलर की चांदी आयात की। उन्होंने कहा कि इसमें से ज्यादातर पैसा ऐसी चीजों में लगा है जिनका सीधा इस्तेमाल उत्पादन में नहीं होता, बल्कि लोग इसे सिर्फ बचत के तौर पर रखते हैं। अंबानी के मुताबिक, सोना और चांदी मुश्किल समय में सुरक्षा तो देते हैं, लेकिन ये देश की आर्थिक तरक्की में सीधे तौर पर कोई खास योगदान नहीं करते।
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    अंबानी बोले- शेयर मार्केट में निवेश करें लोग

    अंबानी ने कहा, ‘अगर हम भारतीय बचतकर्ताओं को शेयर बाजार जैसे पूंजी बाजारों में निवेश करने के लिए मना सकें, तो यह पैसा समय के साथ और बढ़ेगा।’ उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लोगों को अपनी बचत को ऐसी जगहों पर लगाना चाहिए जो सिर्फ पड़ी न रहें, बल्कि व्यवसायों और अर्थव्यवस्था के साथ मिलकर बढ़ें।

    यह बात ऐसे समय में आई है जब सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस तेजी ने एक बार फिर भारतीयों के बीच कीमती धातुओं को मूल्यवान संपत्ति मानने की पुरानी आदत को मजबूत किया है, खासकर जब अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता हो। लेकिन अंबानी का तर्क है कि सोना-चांदी भले ही आपके पैसे का मूल्य बचा लें, लेकिन वे उस तरह से नया मूल्य नहीं बनाते जैसे उत्पादक निवेश करते हैं।

    स्टॉक मार्केट में निवेश का बताया कारण

    अंबानी ने बताया कि शेयर बाजार में पैसा कंपनियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन में लगाया जाता है। जब कंपनियां बढ़ती हैं, मुनाफा कमाती हैं और विस्तार करती हैं, तो निवेशकों को समय के साथ लगातार फायदा होता रहता है। मुकेश अंबानी का मानना है कि भारत की दौलत बढ़ाने का अगला बड़ा मौका यहीं है, खासकर तब जब देश कई दशकों के विकास के दौर में प्रवेश कर रहा है।

    क्या है जियोब्लैकरॉक?

    उन्होंने वित्तीय सेवाओं के बड़े मौके के बारे में भी बात की। उन्होंने जियोब्लैकरॉक का जिक्र किया, जो रिलायंस और दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी का जॉइंट वेंचर है। अंबानी ने कहा कि भले ही बदलाव लाना आजकल फैशन बन गया है, लेकिन असली ध्यान भारत के निवेश बाजार में मौजूद विशाल और अब तक इस्तेमाल न किए गए अवसरों पर है। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य रातोंरात सिस्टम को बदलना नहीं है, बल्कि लाखों भारतीयों के लिए निवेश को आसान, सुरक्षित और सुलभ बनाना है।

    देश की अर्थव्यवस्था पर भी रखी बात

    मुकेश अंबानी ने देश की अर्थव्यवस्था पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत अपनी मजबूत आर्थिक कामगिरी, स्थिर नेतृत्व और लगातार नीतियों के कारण दुनिया का ध्यान खींच रहा है। उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था की तुलना एक ऐसे फलदार पेड़ से की जो स्वाभाविक रूप से सबका ध्यान आकर्षित करता है।

    ब्लैक रॉक के चेयरमैन और सीईओ लैरी फिंक के साथ बातचीत में मुकेश अंबानी ने भारत की विकास यात्रा के बारे में बात करते हुए कहा कि देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि 8-10 प्रतिशत की विकास दर हासिल करना संभव है और इसे बनाए रखना भी संभव है।

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