भारत के रणवीर सचदेवा ने मात्र 8 साल की उम्र में एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े दिग्गजों के लिए सपना होता है। रणवीर इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में सबसे कम उम्र के मुख्य वक्ता (कीनोट स्पीकर) बने हैं। रणवीर सिर्फ टेक्नोलॉजी के जानकार ही नहीं, बल्कि एक ग्लोबल ऑथर भी हैं। न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए रणवीर ने अपने आप को यूथ एंबेसडर, टेक्नोलॉजिस्ट, ग्लोबल ऑथर और इंटरनेशनल स्पीकर बताया।
रणवीर ने क्या कहा
रणवीर ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए बताया कि मैं इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में सबसे कम उम्र के कीनोट स्पीकर के रूप में उपस्थित हूं। मैं इस बारे में बात करूंगा कि मैं एंशिएंट इंडियन फिलॉसफी (प्राचीन भारतीय दर्शन) को आधुनिक तकनीकों से कैसे जोड़ रहा हूं। मैं उन विभिन्न दृष्टिकोणों पर भी चर्चा करूंगा जिनका इस्तेमाल अन्य देश एआई के निर्माण में कर रहे हैं। मैं इस बारे में बात करूंगा कि भारत एआई का निर्माण कैसे कर रहा है। मैं अपने हाल ही में जारी किए गए भारतीय एआई मॉडल के इस्तेमाल का उदाहरण शेयर करूंगा और बताऊंगा कि मैं इसके माध्यम से भारत की जीडीपी में कैसे योगदान दे रहा हूं और एआई साक्षरता को कैसे बढ़ावा दे रहा हूं।
क्या है इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट?
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया है। यह ग्लोबल साउथ में होने वाला सबसे बड़ा एआई समिट है। 16 से 21 फरवरी तक चलने वाले इस समिट में कई सेशंस का आयोजन किया गया है, जिसमें दुनिया के कई बड़े नोताओं और टेक कंपनियों के सीईओ ने भाग लिया है। इस समिट में कई कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स भी दिखाए हैं। इस समिट का मकसद एआई के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाना है। इसका मकसद एक ऐसा भविष्य बनाना है जहां एआई मानवता की भलाई करे, सबको साथ लेकर विकास करे और धरती को सुरक्षित रखे। सरकार ने इस समिट की थीम भी सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाए रखी है।














