सुधा चंद्रन ने यह भी बताया कि एकता कपूर के शोज के सेट पर कैसा माहौल रहता है और उनका खुद का एक्सपीरियंस कैसा रहा। सुधा ने बालाजी टेलिफिल्म्स के साथ काम करने के वक्त को याद करते हुए ‘हिंदी रश’ को इंटरव्यू दिया। सुधा चंद्रन ने बताया कि कैसे ‘कहीं किसी रोज’ ने टीवी इंडस्ट्री में उनका नाम बनाया।
सुधा चंद्रन ने बताया ‘कहीं किसी रोज’ सीरियल साइन करने का किस्सा
सुधा ने बताया, ‘जब मैंने शो साइन किया था, लगभग उसी दौरान मेरी शादी हुई थी। लोगों को यकीन था कि मेरा तलाक हो जाएगा क्योंकि उनका कहना था कि मुझे घर जाने का समय ही नहीं मिलेगा। लेकिन मुझे अपने पति से बहुत सपोर्ट मिला, जिन्होंने मुझे इस मौके को थामे रखने के लिए कहा। फिर मैंने लगातार 8 साल तक मैंने दिन-रात काम किया। लेकिन यह मजेदार था, क्योंकि आपको शोहरत और पैसा दोनों मिल रहे थे। आज टेलीविजन से जो पैसा मैं कमा रही हूं, वह उन किरदारों की वजह से है जो मैंने निभाए थे।’
बताया एकता कपूर के शोज के सेट पर कैसा माहौल
सुधा चंद्रन ने फिर बताया कि एकता कपूर के शोज के सेट पर कैसा हाल था। वह बोलीं, ‘बालाजी के शो के सेट पर हमें खूब लाड़-प्यार मिलता था। हमारे पास वैनिटी वैन थीं और कोई दबाव नहीं था। हममें से कई लोग फिल्मों से आए थे और हमें काम नहीं मिल रहा था। बालाजी के शो के सेट पर जुनून देखकर मुझे खुशी हुई और मेरी काम करने की इच्छा और भी बढ़ गई। जब आपको वो चीजें मिलने लगती हैं, जिनकी आपने कामना की थी, जैसे पैसा और शोहरत, तो आप और भी ज्यादा उसमें डूब जाते हैं। उसी पैसे से मैंने अपना घर और गाड़ियां खरीदीं।’
पहली सैलरी पर बोलीं- हर दिन 3 हजार लेती थीं और आज 100 गुना अधिक फीस
सुधा चंद्रन ने फिर अपनी पहली सैलरी के बारे में बताया। यह भी खुलासा किया कि वह आज कितना कमाती हैं। वह बोलीं, ‘जब मैंने रमोला सिकंद के रूप में काम शुरू किया था, तब मैं हर रोज 3,000 रुपये लेती थी। आज मैं उससे सौ गुना ज्यादा लेती हूं। बात सिर्फ पैसे की नहीं है। बात उस शोहरत और इज्जत की है जो आपने उस पैसे की बदौलत कमाई है, उन सपनों की है, जो आप उस पैसे की बदौलत पूरे कर पाए। यही सबसे बड़ी बात है, और भले ही मेरे पिता का मुंबई में घर था, फिर भी मैं उस पैसे से अपने लिए एक घर खरीद पाई।’
सुधा चंद्रन की नेट वर्थ, फीस और करियर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुधा चंद्रन की नेट वर्थ 15-30 करोड़ रुपये बताई जाती है। वह टीवी शोज में एक एपिसोड के लिए 3 लाख रुपये फीस चार्ज करती हैं। यह जानकारी इंटरनेट पर दिए आंकड़ों के आधार पर है। सुधा चंद्रन ने टीवी के अलावा हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़,मलयालम और मराठी भाषा की फिल्मों में भी काम किया है। उन्होंने साल 1985 में तेलुगु फिल्म ‘मयूरी’ में लीड रोल प्ले किया था, जिसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला था।
16 साल की उम्र में एक्सीडेंट, काटना पड़ा एक पैर
सुधा चंद्रन जब 16 साल की थीं, तो उनका भयानक एक्सीडेंट हो गया था, जिसके बाद उनके दाहिने पैर में गैंगरीन हो गया था। उनका पैर काटना पड़ा था। बाद में नकली पैर लगाया गया। सुधा ने हिम्मत नहीं हारी और पूरे हौसले के साथ एक्टिंग में वापसी की और आज भी काम कर रही हैं। वह इस वक्त टीवी शो ‘नयनतारा’ में नजर आ रही हैं।













