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  • सूर्य कुंभ राशि में गोचर, बांग्लादेश चुनाव परिणाम से भारत के दोनों हाथों में हो सकता है लड्डू

    इस माह 13 फरवरी 4 बज कर 9 मिनट (सुबह) भारतीय समयानुसार सूर्य गोचर में कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। हिन्दू ज्योतिष के अनुसार सूर्य का एक राशि में गोचर 30 दिनों तक रहता है, जिसके प्रभाव का आंकलन सूर्य के राशि में प्रवेश के समय बनने वाली संक्रांति कुंडली से किया जाता है। इस


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    By Azad Hind Desk फरवरी 12, 2026
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    इस माह 13 फरवरी 4 बज कर 9 मिनट (सुबह) भारतीय समयानुसार सूर्य गोचर में कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। हिन्दू ज्योतिष के अनुसार सूर्य का एक राशि में गोचर 30 दिनों तक रहता है, जिसके प्रभाव का आंकलन सूर्य के राशि में प्रवेश के समय बनने वाली संक्रांति कुंडली से किया जाता है। इस वर्ष सूर्य के कुंभ राशि में प्रवेश के समय धनु लग्न उदय हो रहा होगा जहाँ लग्न में चन्द्रमा विराजमान होंगे और उनपर सप्तम भाव से लग्नेश गुरु की दृष्टि पड़ रही होगी। खेल जगत के तीसरे भाव में कुंभ राशि में नवमेश सूर्य, लाभेश शुक्र और दशमेश बुध का शानदार राजयोग और धनयोग बन रहा है। राहु भी तीसरे भाव में कुंभ राशि में हो कर मजबूत स्थिति में हैं। इस योग के प्रभाव से भारत को खेल जगत में बड़ी सफलता मिल सकती है। वर्तमान में चल रहे टी -20 विश्वकप में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहेगा और उनके इस प्रतियोगिता को जीतने की ज्योतिषीय संभावना बड़ी प्रबल है।

    बांग्लादेश चुनाव में बनेगी स्थिर सरकार
    12 फरवरी को भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में होने जा रहे चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता तारिक रहमान (जन्म 20 नवंबर 1965) के जीतने की ज्योतिषीय संभावना प्रबल रहेगी। बांग्लादेश की स्थापना कुंडली (16 दिसंबर 1971, शाम 5 बजे ढाका) में वृषभ लग्न उदय हो रहा है जहाँ दशम भाव में कुंभ राशि में गोचर कर रहे सूर्य, बुध और शुक्र पर मिथुन राशि में गोचर कर रहे गुरु की शुभ दृष्टि के चलते समावेशी और उदार सरकार के आने का ज्योतिषीय योग बन रहा है। कट्टरपंथी “बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी” इन चुनावों में सरकार बना पाने में असफल होगी जो भारत के लिए राहत का संकेत है। किन्तु बांग्लादेश की स्थापना कुंडली में चल रही चन्द्रमा में राहु की विंशोत्तरी दशा के चलते जमात-ए – इस्लामी के कई बड़े कट्टरपंथी नेता इन चुनावों में जीत सकते हैं और आगे चल कर अपना भारत विरोधी एजेंडा विपक्ष में रहकर चलाते रहेंगे।

    ट्रेड डील पर अमेरिका और भारत में बढ़ेंगे विरोधाभास
    भारत और अमेरिका के बीच आगामी मार्च में होने वाली ट्रेड डील (व्यापर समझौते) पर हस्ताक्षर होने से पूर्व और उसके कुछ बाद दोनों देशों के नेताओं में विरोधाभास बढ़ सकते हैं। अमेरिका की स्थापना कुंडली (4 जुलाई 1776 , सुबह 10 बज कर 20 मिनट फिलेडेल्फिआ) में राहु में शनि में राहु की कठिन विंशोत्तरी दशा वर्तमान में चल रही है। अमेरिका की स्थापना कुंडली में कुंभ राशि के चन्द्रमा पर सूर्य, राहु, बुध, और शुक्र का गोचर वहाँ की सरकार और नेतृत्व को बड़ी असहज स्थिति में ला सकता है। भारत की स्थापना कुंडली (15 अगस्त 1947, मध्य रात्रि, दिल्ली) में वृषभ लग्न उदय हो रहा है , जहाँ मंगल में राहु में राहु की अशुभ विंशोत्तरी दशा के चलते अगले 30 दिन केंद्र सरकार के लिए कष्टकारी हैं।
    सूर्य संक्रांति कुंडली में नवम भाव में बैठे केतु पर मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र की पूर्ण दृष्टि सुप्रीम कोर्ट के किसी महत्वपूर्ण निर्णय से राज्य सरकार या केंद्र को झटका लगने का ज्योतिषीय योग है।

    23 फरवरी के बाद असामान्य वर्षा के योग
    आगामी 23 फरवरी को गोचर में मंगल कुंभ राशि में प्रवेश कर वहाँ पहले से गोचर कर रहे सूर्य, बुध, शुक्र और राहु से युति बना कर असामान्य वर्षा का योग निर्मित करेंगे। वायु तत्व की राशि कुंभ में पांच ग्रहों का जमावड़ा तेज़ हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर बूंदा-बांदी और हलकी वर्षा का योग है। उत्तर और मध्य भारत में 23 फरवरी से 15 मार्च के बीच तेज़ हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर असामान्य वर्षा से खड़ी फसलों को नुक्सान पहुंचने का ज्योतिषीय बन रहा है।

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