सेलिना ने अपने परिवार की कई पीढ़ियों की मिलिट्री विरासत पर बातें कीं। उन्होंने हाल ही में आज तक से बात करते हुए कहा, ‘तो मेरे लिए फौजी होना…मैं तो सिर्फ उनकी बेटी हूं, काम तो उन्होंने किया है, लेकिन बहुत गर्व की बात है।’
रुंधी आवाज में भाई को लेकर दर्द किया बयां
‘इंडिया टुडे’ को दिए एक इंटरव्यू में सेलिना अपने भाई को लेकर बातें करते हुए कलप उठीं। रुंधी आवाज में और काफी इमोशनल होकर उन्होंने इस पूरी कानूनी लड़ाई और भाई विक्रांत के अचानक लापता होने का दर्द सुनाया।
UAE की कानूनी फर्म ‘खालिद अलमर्री पार्टनर्स एंड एडवोकेट्स’ केस लड़ेगी
बता दें कि UAE की कानूनी फर्म ‘खालिद अलमर्री पार्टनर्स एंड एडवोकेट्स’ सेलिना के भाई का केस लड़ेगी। ये फर्म उनसे मिलने और उनकी हिरासत का कारण जानने के लिए अब मुलाकात की तारीख भी तय करेगी। सेलिना ने कहा, ‘ये ऑर्डर को-ऑर्डिनेट एक्शन के लिए क्लैरिटी और जरूरी कार्रवाई में मदद करेगी।’
‘मेरे लिए शायद ये लड़ाई लड़ना लिखा था’
सेलिना ने एक पोस्ट किया है जिसमें वो अपने फैमिली के फौजी विरासत पर बातें कर रही हैं। वो मेडल्स दिखाते हुए बता रही हैं कि उनके पिता ने 71 की वॉर लड़ी, दादा 1962 वॉर वेट्रन थे… तो मेरे लिए फौजी होना…मैं तो सिर्फ उनकी बेटी हूं, काम तो उन्होंने किया है, लेकिन बहुत गर्व की बात है। और मुझे लगता है कि मेरे लिए शायद ये लड़ाई लड़ना लिखा था।’
सेलिना ने कहा- मेरा भाई खुद बोल नहीं सकता था
सेलिना अपने भाई को लेकर पिछले काफी समय से लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रही हैं । उनका कहना है कि अपने भाई के प्रति उनका प्यार ही प्रेरणा और शक्ति रहा है, जिसने उन्हें उनके लिए संघर्ष करना छोड़ने नहीं दिया। उन्होंने एक बातचीत में कहा था, ‘मेरा भाई खुद बोल नहीं सकता था और मैं जानती थी कि चुप रहने से उसकी कमजोरी और बढ़ जाएगी।’
सेलिना ने भाई के साथ अपनी बॉन्डिंग पर की बात
उन्होंने कहा है, ‘मेरे तीन बेटों के बाद विक्रांत ही मेरा इकलौता करीबी परिवार है। यहां तक कि जब कोई जवाब नहीं मिला, कोई क्लैरिटी नहीं मिली और तत्काल राहत नहीं मिली, तब भी मुझे विश्वास था कि जवाबदेही तय करने का एकमात्र तरीका मजबूती से खड़े रहना ही है। एक बहन के रूप में, पीछे हटना कभी कोई ऑप्शन नहीं था। यह दृढ़ विश्वास कि उसके अधिकारों और गरिमा की रक्षा के लिए लगातार कोशिश चाहे वो कितना भी थका देने वाला क्यों न हो,ये जरूरी था, इसी ने मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।’
सेलिना जेटली ने भाभी को लेकर कहा
भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद विक्रांत दुबई चले गए और वहां उन्होंने अपनी पत्नी चारुल जेटली के साथ मिलकर एक कंपनी बनाई थी। सेलिना से इस हालात में चारुल की भूमिका पर बात की और कहा, ‘मेरे भाई के अपहरण के बाद की घटनाओं को लेकर कई अहम सवाल के जवाब नहीं मिले हैं। असल बात यह है कि मेरे भाई को आज, उनके किडनैप हुए 17 महीने बाद, माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय में मेरी याचिका के जरिए कानूनी प्रतिनिधित्व मिल रहा है, जिसमें मेरी भाभी पार्टी नहीं हैं।’
‘मैं उनकी आवाज सुनने का इंतजार कर रही हूं’
अपने एक पोस्ट में सेलिना ने भाई को लेकर अपना दर्द बयां करते हुए कहा था, ‘विक्रांत को अगवा किया गया और आठ महीने तक उनसे कोई सम्पर्क नहीं हो पाया। फिर उन्हें मध्य पूर्व में कहीं हिरासत में रखा गया। मैं उनकी आवाज सुनने का इंतजार कर रही हूं। उन्हें देखने का इंतजार कर रही हूं। मुझे डर है कि उन्होंने उनके साथ क्या किया है।’
‘फोन कॉल में शब्द कम थे, दर्द ज्यादा थे’
सेलिना ने लिखा था, ‘फोन पर मेरी उनसे बात हुई थी। उन्हें केवल मेरा ही एक नंबर याद था। फोन कॉल में शब्द कम थे, दर्द ज्यादा थे, मेरे पास जवाबों से ज्यादा सवाल हैं। अपने कर्तव्य पथ पर चलते हुए मेरे भाई को कई चोटें आईं। उसने अपनी जवानी, अपना दिमागा अपना जीवन भारत को दिया है। वो तिरंगे के लिए जिया है और खून बहाया है।’
सेलिना ने कहा था- ये अब केवल व्यक्तिगत मसला नहीं
इसी के साथ उन्होंने फौजियों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा था, ‘ये अब केवल व्यक्तिगत मसला नहीं है। विदेशों में हमारे सैनिकों और वेटरन्स के अपहरण का ये तरीका, क्या यह अब हमारी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है? हमें जवाब मांगना चाहिए।’
सेलिना के भाई को क्यों रखा गया है नजरबंद
बताया जा रहा है कि विक्रांत जेटली को जासूसी मामले में गिरफ्तार किया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व भारतीय सेना अधिकारी विक्रांत जेटली 2016 से यूएई में रह रहे हैं और वह MATITI ग्रुप में कार्यरत थे, जो ट्रेडिंग, कंसल्टेंसी और रिस्क मैनेजमेंट सर्विस से जुड़ी एक फर्म है। विक्रांत पर UAE की राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर से जुड़े मामलों से जुड़े होने यानी जासूसी का आरोप है। हालांकि, मामले की पूरी जानकारी अभी आनी बाकी है।













