एडलवाइस म्यूचुअल फंड की सीईओ राधिका गुप्ता ने बताया कि हाल के महीनों में ऐसे सवाल बहुत बढ़ गए हैं। लोग बार-बार पूछ रहे हैं, ‘मेरे पास निवेश करने के लिए 30,000 रुपये हैं, क्या मुझे चांदी खरीदनी चाहिए? मुझे कौन सा फंड चुनना चाहिए?’ ऐसे निवेशकों के लिए राधिका गुप्ता ने कुछ टिप्स बताए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इन 5 टिप्स के बारे में बताया है।
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चारों तरफ भ्रम का माहौल
राधिक गुप्ता ने अपनी पोस्ट में कई बातों का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है, ‘पिछले कुछ महीनों में मैं देख रहा/रही हूं कि दोस्त, परिवार और सामान्य लोग अपने पोर्टफोलियो को लेकर सलाह लेने के लिए ज्यादा संपर्क कर रहे हैं। शायद इसलिए क्योंकि अलग-अलग एसेट क्लास में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा है।’ उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि पिछले साल रिटर्न कुछ जगहों पर कम या नकारात्मक रहे हैं, और चारों तरफ शोर व भ्रम का माहौल है। सच्चाई यह है: न मैं, न ही कोई और, आपके पोर्टफोलियो के लिए कोई त्वरित समाधान दे सकता है। निवेश की सलाह के लिए समय और संदर्भ दोनों जरूरी होते हैं। इसके बाद उन्होंने निवेश से जुड़े 5 जरूरी टिप्स बताए।
1. बेसिक चीजें सीखें
राधिक गुप्ता ने पहले पॉइंट में निवेश से जुड़ी बेसिक चीजों को जानने की बात कही है। उन्होंने उन्होंने लिखा है कि बहुत से लोग बिना बुनियादी वित्तीय ज्ञान के सीधे फंड खरीदना चाहते हैं- जैसे सांस लेना सीखे बिना गोता लगाना।
2. इन्वेस्टमेंट स्टेटमेंट बनाएं
दूसरे पॉइंट में उन्होंने बताया है कि अपना व्यक्तिगत निवेश स्टेटमेंट बनाइए। अपनी वित्तीय स्थिति और जरूरतों को लिखित रूप में तैयार करें। इसमें चार चीजें शामिल करें:
- कमाई और खर्च
- वर्तमान निवेश और देनदारियां
- लक्ष्य और उनकी समयसीमा
- नुकसान झेलने की आपकी क्षमता
3. प्रोफेशनल की मदद लें
तीसरे पॉइंट में उन्होंने प्रोफेशनल की मदद की बात बताई है। उन्होंने लिखा है कि किसी अच्छे पर्सनल फाइनेंस प्रोफेशनल से बात करें। चाहे वह म्यूचुअल फंड वितरक (MFD) हो या निवेश सलाहकार। यह दस्तावेज उनके पास शुरुआती आधार के रूप में लेकर जाएं। चाहें तो कई लोगों से बात करें और फिर किसी ऐसे व्यक्ति को चुनें जिस पर आपको भरोसा हो।
4. जल्दबाजी ना दिखाएं
राधिक चौथे पॉइंट में कहती है कि जल्दबाजी से बचें। वह बताती है कि जल्दी में कोई बड़ा वित्तीय फैसला न लें। तुरंत डायरेक्ट स्टॉक पोर्टफोलियो बनाना, चांदी खरीदना या PMS ढूंढना जरूरी नहीं है। उनका मानना है कि जब तक निवेशक खुद को समझ और सहज महसूस न करें, तब तक इंतजार कर सकते हैं।
5. गलतियों से सीखें
राधिका 5वें और आखिरी पॉइंट में गलतियों के बारे में बताती हैं। वह कहती है कि अगर आपने अभी तक निवेश शुरू नहीं किया है, तो शुरुआत करें। अगर शुरू कर चुके हैं और गलतियां हुई हैं, तो परेशान न हों। हर कोई गलतियां करता है। उन्होंने बताया कि साल 2008 का वित्तीय संकट भी बहुत समझदार लोगों की गलतियों से हुआ था। आपको भी कुछ गलतियों की अनुमति है। शांत रहें, सोचें, सीखें और आगे बढ़ें।
गिरावट बोर्ड परीक्षाओं की तरह
राधिका गुप्ता ने अपनी पोस्ट के आखिर में बाजार में आने वाली गिरावट की तुलना बोर्ड परीक्षाओं से की है। उन्होंने लिखा है कि मार्केट करेक्शन कुछ हद तक बोर्ड परीक्षाओं की तरह होते हैं, जो दर्दनाक होता है लेकिन असाधारण टीचर। उनकी राय में, हर गिरावट अनुशासन, धैर्य और परिप्रेक्ष्य सिखाती है। उनका मानना है कि निवेशकों को इसकी फीस देनी चाहिए, सबक सीखना चाहिए और समझदार बनकर आगे बढ़ना चाहिए।













